अमेरिका के दबाव में भाजपा ने E20 लागू किया? अरविंद केजरीवाल का बड़ा आरोप

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने E20 ईंधन नीति को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार ने देश में E20 पेट्रोल को अमेरिकी दबाव में लागू किया है। केजरीवाल ने कहा कि इस नीति से आम लोगों, खासकर पुराने वाहनों के मालिकों को नुकसान उठाना पड़ सकता है, जबकि सरकार जनता की चिंताओं को नजरअंदाज कर रही है।


केजरीवाल का कहना है कि सरकार को उपभोक्ताओं को विकल्प देना चाहिए कि वे सामान्य पेट्रोल लें या E20 पेट्रोल। उनका आरोप है कि बिना पर्याप्त सार्वजनिक चर्चा और व्यापक परीक्षण के इस नीति को लागू किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि E20 वास्तव में पूरी तरह सुरक्षित है तो वाहन निर्माता कंपनियां इसकी लिखित गारंटी दें।


AAP प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ वाहन निर्माता कंपनियां सरकार के दबाव में खुलकर अपनी राय नहीं रख रही हैं। उनके अनुसार, E20 के कारण पुराने मॉडलों में माइलेज और इंजन से जुड़ी समस्याओं की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इन दावों पर सरकार और कई वाहन कंपनियों का अलग पक्ष है।


वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, किसानों की आय बढ़ाना और प्रदूषण में कमी लाना है। सरकार के अनुसार यह नीति ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


भाजपा ने केजरीवाल के आरोपों को राजनीतिक बताया है और कहा है कि अमेरिका के दबाव में E20 लागू किए जाने के आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। सरकार का कहना है कि E20 नीति लंबे समय से एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम का हिस्सा रही है और इसे देश की ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया गया है।


इस मुद्दे को लेकर अरविंद केजरीवाल ने विरोध प्रदर्शन का भी ऐलान किया है और मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर सामान्य पेट्रोल का विकल्प उपलब्ध कराया जाए। E20 को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।


फिलहाल, “अमेरिका के दबाव में E20 लागू किया गया” यह अरविंद केजरीवाल का राजनीतिक आरोप है। इस दावे की पुष्टि करने वाला कोई सार्वजनिक आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है।