बिहार की Gen Z IPS शैलजा दास कौन हैं? 23 साल की उम्र में UPSC क्रैक कर बनीं आईपीएस

बिहार की युवा आईपीएस अधिकारी शैलजा दास इन दिनों अपनी कार्यशैली और कम उम्र में मिली सफलता को लेकर चर्चा में हैं। उन्हें देश की Gen Z आईपीएस अधिकारियों में गिना जाता है। महज 23 वर्ष की उम्र में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में जगह बनाई।


शैलजा दास मूल रूप से बिहार के सहरसा जिले की रहने वाली हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई सहरसा में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में अपनी आगे की शिक्षा पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य तय कर लिया और स्नातक के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी।


साल 2021 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में शैलजा दास ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 83 हासिल की। इसके बाद उन्हें 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी के रूप में नियुक्ति मिली। कम उम्र में इस उपलब्धि ने उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा बना दिया।


वर्तमान में शैलजा दास बिहार में पुलिस सेवा में कार्यरत हैं। हाल के दिनों में वे पटना में अपनी ड्यूटी के दौरान चर्चा में रहीं, जब छात्र आंदोलन के बीच कानून-व्यवस्था बनाए रखने में उनकी भूमिका सुर्खियों में आई। सोशल मीडिया पर उनके कई वीडियो वायरल हुए और उनकी कार्यशैली पर व्यापक चर्चा ह


शैलजा दास कई इंटरव्यू में बता चुकी हैं कि यूपीएससी की तैयारी के दौरान उन्होंने नियमित अध्ययन, करंट अफेयर्स और उत्तर लेखन (Answer Writing) पर विशेष ध्यान दिया। उनका मानना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता और निरंतर मेहनत, अनुशासन तथा आत्मविश्वास ही सबसे बड़ी पूंजी है।


आज शैलजा दास की सफलता हजारों युवाओं, खासकर बिहार की बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने यह साबित किया है कि स्पष्ट लक्ष्य, सही रणनीति और कड़ी मेहनत के दम पर कम उम्र में भी यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की जा सकती है।