प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर-मंतर पर हुए हालिया विरोध प्रदर्शन को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाले युवाओं को “गुमराह बच्चे” बताते हुए उन्हें माफ करने की बात कही। उन्होंने कहा कि समाज का दायित्व सजा देने से अधिक युवाओं को सही दिशा दिखाना है।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि गाली-गलौज किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे गुस्से के बजाय संयम और संवेदनशीलता का परिचय दें। उनका कहना था कि यदि युवा भटक गए हैं, तो उन्हें सही मार्ग पर लाना समाज और नेतृत्व की जिम्मेदारी है।
यह बयान उस घटना के बाद आया, जब जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रधानमंत्री और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। विपक्षी दलों ने उनके बयान पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री की उदारता और संवेदनशीलता का परिचायक बताया। इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि देश के युवाओं में अपार क्षमता है और उन्हें नफरत या कटुता के बजाय सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संवाद और समझदारी ही किसी भी मतभेद का सबसे बेहतर समाधान है।
प्रधानमंत्री का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों ने उनके संदेश का स्वागत किया है, जबकि कुछ ने इसे लेकर राजनीतिक टिप्पणियां की हैं। फिलहाल यह वीडियो देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।





