नई दिल्ली में छात्रों के समर्थन में चल रहे आंदोलन के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक से अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की भावुक अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक खुला पत्र साझा करते हुए कहा कि देश को वांगचुक जैसे लोगों की जरूरत है और उनका स्वास्थ्य किसी भी आंदोलन से अधिक महत्वपूर्ण है।
अभिजीत दिपके ने अपने संदेश में लिखा कि, “हम सोनम वांगचुक सर से अनुरोध करते हैं कि वे अपना अनशन समाप्त करें। देश को उनकी जरूरत है और उनका जीवन किसी भी आंदोलन से कहीं अधिक मूल्यवान है।” उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जंतर-मंतर पर छात्रों का शांतिपूर्ण आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता।
दिपके ने कहा कि आंदोलन किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है, बल्कि यह देशभर के छात्रों की आवाज है। उन्होंने समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन जारी रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करने की अपील की। उनके अनुसार, यदि सोनम वांगचुक स्वस्थ रहेंगे तो भविष्य में भी शिक्षा और समाज से जुड़े मुद्दों पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से छात्रों की मांगों के समर्थन में अनशन पर थे। उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी बीच विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं, राजनीतिक नेताओं और शिक्षाविदों ने भी उनसे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करने की अपील की थी।
गौरतलब है कि इससे पहले अभिजीत दिपके स्वयं भी अनशन पर बैठे थे। बाद में सोनम वांगचुक के आग्रह पर उन्होंने अपना अनशन समाप्त कर आंदोलन का नेतृत्व जारी रखने का फैसला किया था। अब दिपके ने एक बार फिर वांगचुक से स्वास्थ्य का ध्यान रखने और अनशन समाप्त करने की अपील की है।
इस घटनाक्रम के बाद आंदोलन को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। CJP का कहना है कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और छात्रों की मांगों को लेकर उनका अभियान जारी रहेगा। वहीं, दिपके के इस भावुक पत्र को सोशल मीडिया पर भी व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है, जहां कई लोगों ने इसे वांगचुक के स्वास्थ्य के प्रति चिंता और आंदोलन को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता के रूप में देखा है।




