छात्रों के समर्थन में संसद में गरजीं रेणुका चौधरी, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने छात्रों के मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। संसद परिसर से बाहर निकलते समय उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की और कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने वाले छात्रों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता।
रेणुका चौधरी ने कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी और आंसू गैस से दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “ये सब कायर हैं, राक्षस कहीं के। इतनी ताकतवर सरकार अगर छात्रों से ही डर जाए, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।” उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं।
कांग्रेस सांसद ने यह भी सवाल उठाया कि जब छात्र अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने की कोशिश कर रहे थे, तब उनके खिलाफ बल प्रयोग की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की समस्याओं को सुनना चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए, न कि पुलिस कार्रवाई के जरिए उनकी आवाज दबानी चाहिए।
रेणुका चौधरी ने प्रधानमंत्री से भी अपील करते हुए कहा कि उन्हें छात्रों की बात सुननी चाहिए और उनके प्रतिनिधियों से संवाद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद जनता की आवाज उठाने का मंच है और छात्रों के मुद्दों पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।
इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया। विपक्षी दलों ने छात्रों के समर्थन में सरकार से जवाब मांगा, जबकि सरकार और पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस अभी भी जारी है।
रेणुका चौधरी का यह आक्रामक रुख एक बार फिर संसद और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उनके बयान ने छात्र आंदोलन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है।