हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन में दो समुदायों के बीच विवाद के बाद तनाव का माहौल बन गया। वाल्मीकि चौक पर हुई झड़प और पत्थरबाजी की घटना के बाद जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 163 लागू कर दी है। प्रशासन का उद्देश्य इलाके में शांति बनाए रखना और किसी भी तरह की हिंसक घटना को दोबारा होने से रोकना है।
जानकारी के मुताबिक, विवाद की शुरुआत वाल्मीकि चौक के पास स्वागत द्वार की मरम्मत को लेकर हुई। बताया जा रहा है कि गोविंदगढ़ क्षेत्र के कुछ लोग द्वार की मरम्मत करने पहुंचे थे, जिसका कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध किया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों ओर से पत्थरबाजी होने लगी। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस झड़प में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए, जबकि कुछ वाहनों को भी नुकसान पहुंचा।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की। झड़प के दौरान पुलिसकर्मी भी घायल हुए। घटना का असर यातायात पर भी पड़ा और राष्ट्रीय राजमार्ग-907A पर जाम की स्थिति बन गई। इससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटना से जुड़े वीडियो तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर जानकारी जुटाई जा रही है।
इलाके में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने 26 से 29 अक्टूबर तक धारा 163 लागू करने का आदेश दिया है। इसके तहत संबंधित क्षेत्रों में बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही हथियार लेकर चलने और शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर भी रोक लगाई गई है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन और पुलिस स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। लोगों से शांति बनाए रखने, अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर अपुष्ट या भड़काऊ संदेश साझा नहीं करने की अपील की गई है। फिलहाल, प्रशासन की प्राथमिकता इलाके में सामान्य स्थिति बहाल करना और दोनों समुदायों के बीच तनाव को बढ़ने से रोकना है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।




