“सरकार से कोई डील हुई है क्या?” सवाल पर सोनम वांगचुक बोले- “अभी भी बहुत कुछ साबित करना है”

लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने सरकार के साथ किसी कथित “डील” की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी भी बहुत कुछ साबित किया जाना बाकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके आंदोलन का उद्देश्य किसी राजनीतिक समझौते तक पहुंचना नहीं, बल्कि लद्दाख के लोगों की मांगों को गंभीरता से उठाना है।


एक बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार के साथ कोई समझौता हो गया है, तो वांगचुक ने कहा, “अभी भी बहुत कुछ साबित करना है।” उनके इस बयान को आंदोलन की निरंतरता और अपनी मांगों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।


सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और स्थानीय लोगों के अधिकारों जैसे मुद्दों को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक इन मांगों पर ठोस और भरोसेमंद प्रगति नहीं होती, तब तक आंदोलन का उद्देश्य पूरा नहीं माना जा सकता।


हाल के दिनों में सरकार और आंदोलन से जुड़े प्रतिनिधियों के बीच बातचीत को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आईं। इसी बीच “डील” की अटकलों पर वांगचुक की टिप्पणी ने यह संकेत दिया कि वह केवल ठोस परिणामों और आधिकारिक फैसलों को ही महत्वपूर्ण मानते हैं।


वांगचुक ने अपने समर्थकों से भी धैर्य बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वास्तविक प्रगति और आधिकारिक निर्णयों का इंतजार करना चाहिए।


फिलहाल सरकार की ओर से किसी अंतिम समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में वांगचुक का यह बयान इस बात का संकेत देता है कि उनकी नजर अब भी अपनी प्रमुख मांगों के क्रियान्वयन पर है, न कि केवल बातचीत या अटकलों पर।