हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विमेंस एशिया कप 2026 में शानदार शुरुआत करते हुए ग्रुप स्टेज के अपने सभी मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। पाकिस्तान के खिलाफ भी भारत ने सात विकेट से जीत दर्ज की। अब टीम की नजर फाइनल में पहुंचकर खिताब जीतने पर है, लेकिन उससे पहले जेमिमा रॉड्रिग्स की गैरमौजूदगी भारतीय टीम के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
जेमिमा रॉड्रिग्स को 3 अगस्त को इंग्लैंड में द हंड्रेड के दौरान दाहिनी हैमस्ट्रिंग में चोट लगी थी। बीसीसीआई की मेडिकल टीम की जांच में हाई-ग्रेड टियर की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें एशिया कप और एशियन गेम्स दोनों से बाहर कर दिया गया। उनकी जगह बल्लेबाज प्रतिका रावल को एशिया कप टीम में शामिल किया गया।जेमिमा लंबे समय से भारतीय टी20 टीम के शीर्ष क्रम का अहम हिस्सा रही हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम मैनेजमेंट को बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना पड़ा है। रिचा घोष को ऊपर भेजने की चर्चा भी हुई है, जबकि प्रतिका रावल को टीम में शामिल किया गया है। जेमिमा के बाहर होने से भारत के मध्यक्रम में अनुभव और दबाव की स्थिति में पारी संभालने की क्षमता को लेकर सवाल उठे हैं।
हालांकि, टूर्नामेंट में अब तक भारतीय टीम ने इस कमी की भरपाई सामूहिक प्रदर्शन से की है। हरमनप्रीत कौर ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले के बाद कहा कि टीम की गेंदबाज शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और अलग-अलग खिलाड़ी मौके पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। भारत ने ग्रुप स्टेज में लगातार तीन जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई है।
भारत की स्थिति इसलिए भी मजबूत है क्योंकि टीम को एशिया कप की सबसे सफल टीम माना जाता है। 2026 संस्करण में आठ टीमें हिस्सा ले रही हैं और ग्रुप चरण के बाद दोनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंचती हैं। फाइनल 13 सितंबर को खेला जाना है।
हरमनप्रीत के लिए यह टूर्नामेंट व्यक्तिगत रूप से भी खास रहा है। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने भारत की कप्तानी करते हुए टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 150वीं बार टीम का नेतृत्व किया। मैच के बाद उन्होंने कहा कि टीम के सभी खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और अब अगले दो मुकाबलों में भी इसी लय को बनाए रखना उनका लक्ष्य है।ऐसे में फाइनल से पहले भारत के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि जेमिमा की गैरमौजूदगी में बल्लेबाजी क्रम कितना संतुलित रहता है। फिलहाल टीम ने लगातार जीत के साथ अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है, लेकिन नॉकआउट मुकाबलों में मध्यक्रम की परीक्षा ज्यादा कड़ी होगी। अगर प्रतिका रावल और अन्य बल्लेबाज जेमिमा की कमी को प्रभावी ढंग से भर पाते हैं, तो हरमनप्रीत की टीम खिताब की मजबूत दावेदार बनी रह सकती है।





