भारत का पर्यटन क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था को लगातार मजबूती दे रहा है। विदेशी पर्यटकों की बढ़ती संख्या के साथ पर्यटन से होने वाली विदेशी मुद्रा आय में भी बड़ा इजाफा हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में पर्यटन से भारत को ₹2,76,831 करोड़ की विदेशी मुद्रा आय हुई। यह आंकड़ा पर्यटन क्षेत्र की बढ़ती आर्थिक अहमियत को दर्शाता है।
आंकड़ों के अनुसार, 2025 में भारत में विदेशी पर्यटक यात्राओं की संख्या 2.53 करोड़ रही। वहीं, घरेलू पर्यटक यात्राओं का आंकड़ा करीब 428.55 करोड़ तक पहुंच गया। पर्यटन क्षेत्र ने 2023-24 में भारत की GDP में 5.22 प्रतिशत का योगदान दिया। इसके अलावा पर्यटन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर करीब 8.46 करोड़ रोजगारों को भी समर्थन मिला।
विदेशी मुद्रा आय में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। वर्ष 2021 में पर्यटन से विदेशी मुद्रा आय करीब ₹63,978 करोड़ थी, जो 2025 में बढ़कर ₹2,76,831 करोड़ हो गई। पर्यटन से होने वाली कमाई का फायदा केवल होटल और ट्रैवल कारोबार को ही नहीं मिलता, बल्कि परिवहन, रेस्टोरेंट, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार और दूसरे सेवा क्षेत्रों को भी इसका लाभ मिलता है।
भारत सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई स्तरों पर काम कर रही है। विदेशी यात्रियों की सुविधा के लिए ई-वीजा और डिजिटल पर्यटन प्लेटफॉर्म जैसी सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। इसके साथ ही Swadesh Darshan 2.0, PRASHAD और क्रूज टूरिज्म जैसी योजनाओं के जरिए नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
बढ़ती विदेशी पर्यटक यात्राएं, रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा आय और पर्यटन से जुड़े रोजगार के आंकड़े बताते हैं कि पर्यटन भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण आधार बनता जा रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी, डिजिटल सुविधाओं और नए पर्यटन स्थलों के विकास के साथ आने वाले समय में इस क्षेत्र की भूमिका और बढ़ सकती है।





