भारत की स्टार मुक्केबाज़ अरुंधति चौधरी ने 2026 राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 70 किलोग्राम वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। ग्लासगो में खेले गए फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की शैंटेल रीड को सर्वसम्मत निर्णय (5-0) से हराकर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीता। उनकी इस जीत के साथ भारतीय मुक्केबाज़ी दल ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
अरुंधति ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और चारों राउंड में शानदार तकनीक, तेज फुटवर्क और सटीक पंचों के दम पर अपने प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बनाए रखा। सभी पांचों जजों ने उन्हें विजेता घोषित किया, जिससे भारत को एक और ऐतिहासिक स्वर्ण पदक मिला।
रिपोर्टों के अनुसार, अरुंधति ने यह मुकाबला तेज बुखार के बावजूद खेला। इसके बावजूद उन्होंने अद्भुत आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उनकी इस उपलब्धि की खेल जगत में जमकर सराहना हो रही है।
अरुंधति की जीत भारत के लिए इसलिए भी खास रही क्योंकि भारतीय मुक्केबाज़ों ने इस संस्करण में रिकॉर्ड संख्या में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रचा। महिला और पुरुष दोनों वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने राष्ट्रमंडल खेलों में देश की मुक्केबाज़ी शक्ति को नई पहचान दिलाई।
राजस्थान के कोटा की रहने वाली अरुंधति चौधरी ने अपने संघर्ष, अनुशासन और लगातार मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस सफलता पर देशभर से बधाइयों का सिलसिला जारी है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी यह जीत आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों और ओलंपिक की तैयारियों के लिए भी भारत के लिए बेहद उत्साहजनक संकेत है।





