अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की रकम चोरी करने के मामले में पुलिस ने जांच पूरी करते हुए 8 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जांच के दौरान सामने आए CCTV फुटेज को मामले में अहम सबूत माना गया है। पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला मंदिर परिसर में चढ़ावे की रकम चोरी करते हुए या उसे हटाते हुए करीब 85 बार CCTV कैमरों में दिखाई दिया।
जांच में अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, करुणेश पांडे दो बार चोरी करने के साथ 68 बार चोरी में मदद करता दिखाई दिया। लव कुश मिश्रा पर एक बार चोरी और 52 बार मदद करने का आरोप है, जबकि अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार चोरी में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है। रमाशंकर मिश्रा भी एक घटना में चोरी करते हुए पाया गया। वहीं मंदिर में अप्रैल 2026 में नौकरी पाने वाले मनीष यादव पर 15 अप्रैल से 3 जून के बीच 16 बार चोरी करने और 19 बार अन्य आरोपियों की मदद करने का आरोप है।
पुलिस ने मामले में गिरफ्तार किए गए सात आरोपियों से करीब 79 लाख 85 हजार 493 रुपये बरामद किए हैं। जांच में सभी आठ आरोपियों के बैंक खातों में करीब 98 लाख 30 हजार रुपये जमा होने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने चार्जशीट में CCTV फुटेज के अलावा मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, बैंक लेनदेन और बरामद रकम से जुड़े दस्तावेजों को भी सबूत के तौर पर शामिल किया है।
जांच के दौरान रिटायर्ड बैंक कर्मचारी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका भी सामने आई। पुलिस के अनुसार, वह चढ़ावे की रकम बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया से जुड़ा था और उस पर आरोपियों की मदद करने का आरोप है। पुलिस ने यह भी कहा है कि उसके कहने पर सुरक्षा गार्ड आरोपियों की आवाजाही के दौरान पर्याप्त जांच नहीं करते थे।
इस मामले में पुलिस ने कुल 133 लोगों को गवाह बनाया है। इनमें शिकायतकर्ता, मंदिर ट्रस्ट से जुड़े लोग और 27 पुलिसकर्मी शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की भूमिका की जांच की गई और उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया, बल्कि गवाह के तौर पर शामिल किया गया है।
पुलिस ने CCTV फुटेज, बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल और कॉल डिटेल, बरामद रकम तथा गवाहों के बयानों के आधार पर आठ आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई अदालत में होगी।





