बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जिसमें महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने उन्हें मंच पर मराठी में बोलने के लिए कहा। मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सरनाईक ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह इन दिनों सभी को मराठी सिखा रहे हैं और इसी वजह से उन्होंने संजय दत्त से भी मराठी में बोलने को कहा। संजय दत्त ने इस अनुरोध को गंभीरता से लेने के बजाय अपने खास अंदाज में जवाब देकर माहौल को हल्का कर दिया।
मंत्री के अनुरोध पर संजय दत्त ने कहा, “प्रताप भाई, मैं 6 साल जेल में रहा, येरवडा में। तब भी मराठी नहीं सीख पाया। मैंने थोड़ी सी सीखी थी।” अभिनेता के इस जवाब पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच हंसी का माहौल बन गया। इसके बाद उन्होंने प्रताप सरनाईक के कंधे पर हाथ रखा और उन्हें अपना पुराना दोस्त और भाई बताया।
संजय दत्त ने आगे कहा कि प्रताप सरनाईक ने उन्हें कार्यक्रम में बुलाया, इसके लिए वह उनके आभारी हैं। उन्होंने दोनों के रिश्ते को करीब 25 साल पुराना बताया। इस तरह अभिनेता ने मराठी में बोलने के अनुरोध को सीधे टकराव में बदलने के बजाय अपने पुराने दोस्त के साथ मजाकिया अंदाज में संभाल लिया।दरअसल, मंत्री प्रताप सरनाईक का मराठी भाषा को लेकर बयान ऐसे समय आया है जब मुंबई में ऑटो रिक्शा चालकों के लिए मराठी के कुछ जरूरी वाक्य समझने की शर्त को लेकर बहस चल रही है। सरनाईक ने कार्यक्रम में इसी संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि वह इन दिनों लोगों को मराठी सिखा रहे हैं। इसके बाद उन्होंने संजय दत्त को भी मराठी बोलने के लिए मंच पर आमंत्रित किया।
संजय दत्त के जवाब के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोगों ने अभिनेता के मजाकिया जवाब की तारीफ की, जबकि कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि मुंबई में दशकों से रहने के बावजूद वह मराठी क्यों नहीं सीख पाए। दूसरी ओर, कुछ लोगों ने इस पूरे घटनाक्रम को महाराष्ट्र में भाषा को लेकर चल रही मौजूदा बहस से जोड़ते हुए ऑटो चालकों के लिए प्रस्तावित भाषा संबंधी नियमों पर भी टिप्पणी की।
हालांकि, कार्यक्रम का वीडियो देखने से यह साफ है कि संजय दत्त का जवाब मुख्य रूप से मजाकिया अंदाज में था। उन्होंने मंत्री के साथ अपने पुराने रिश्ते का भी जिक्र किया और बातचीत को विवाद का रूप देने के बजाय हंसी-मजाक में आगे बढ़ा दिया। इस छोटे से मंचीय संवाद ने हालांकि महाराष्ट्र में भाषा और पहचान को लेकर चल रही बहस के बीच सोशल मीडिया पर नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।





