मध्य प्रदेश के एक गांव में झरने में नहाने के कुछ दिनों बाद चार बच्चों की मौत से हड़कंप मच गया है। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है, जबकि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि बच्चों की तबीयत खराब होने के पीछे झरने का दूषित पानी हो सकता है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है।जानकारी के मुताबिक, चारों बच्चे कुछ दिन पहले परिवार के साथ एक झरने पर गए थे और वहां उन्होंने पानी में स्नान किया था। घर लौटने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी, दस्त, बुखार और कमजोरी जैसी शिकायतें होने की बात सामने आई है। हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन इलाज के दौरान चारों की मौत हो गई।
एक के बाद एक बच्चों की मौत से गांव में दहशत का माहौल बन गया। परिवारों ने प्रशासन को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाके में पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र से पानी के नमूने भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
स्वास्थ्य अधिकारियों को संदेह है कि झरने के पानी में किसी तरह का संक्रमण या प्रदूषण हो सकता है। हालांकि, अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि बच्चों की मौत दूषित पानी पीने या उसमें नहाने के कारण ही हुई। पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच की रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारण का पता चल सकेगा।
प्रशासन ने आसपास के लोगों को फिलहाल झरने के पानी का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इलाके में लोगों की जांच भी कर रही हैं, ताकि किसी अन्य व्यक्ति में संक्रमण या बीमारी के लक्षण पाए जाने पर समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।
घटना के बाद प्रशासन ने झरने और उसके आसपास के पानी के स्रोतों की जांच शुरू कर दी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि पानी में किसी तरह का रासायनिक प्रदूषण, बैक्टीरियल संक्रमण या अन्य हानिकारक तत्व तो मौजूद नहीं हैं।
चार मासूम बच्चों की मौत ने परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल प्रशासन की जांच जारी है और सभी की नजर मेडिकल रिपोर्ट तथा पानी के सैंपल की जांच के नतीजों पर है। इन्हीं रिपोर्टों से स्पष्ट होगा कि बच्चों की मौत का कारण क्या था और क्या झरने के पानी का इससे कोई सीधा संबंध था।





