एक महिला ने बीजेपी विधायक विनोद सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि विधायक ने उसके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया और नशे की हालत में उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की। शिकायत सामने आने के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है
महिला के अनुसार, घटना के दौरान उसने विरोध किया, जिसके बाद कथित रूप से उसके साथ धक्का-मुक्की की गई। महिला ने संबंधित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने बताया है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि महिला के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और अन्य संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, विधायक विनोद सिंह ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि आरोप पूरी तरह निराधार हैं और उनकी राजनीतिक छवि खराब करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है और सच्चाई जांच के बाद सामने आ जाएगी.
इस मामले को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार और भाजपा पर निशाना साधते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। विपक्ष का कहना है कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी भी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष मान लेना उचित नहीं है। जांच एजेंसियों को सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





