बिजली और इंटरनेट नहीं, फिर भी असम के बेटे ने NEET में हासिल की शानदार सफलता

सफलता केवल संसाधनों की मोहताज नहीं होती, बल्कि मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प से भी हासिल की जा सकती है। इस बात को असम के 18 वर्षीय बिशु लिम्बू ने सच साबित कर दिखाया है। सीमित सुविधाओं के बीच रहने वाले बिशु ने बिना बिजली और इंटरनेट के NEET-UG 2026 परीक्षा में 720 में से 610 अंक हासिल किए और अखिल भारतीय रैंक (AIR) 7,320 प्राप्त की।


बिशु असम के तिनसुकिया जिले के एक दूरदराज़ गांव के रहने वाले हैं। उनके गांव में न तो नियमित बिजली की सुविधा है और न ही इंटरनेट की पहुंच। ऐसे में उन्होंने आधुनिक तकनीक या ऑनलाइन कोचिंग की बजाय किताबों और स्वयं अध्ययन पर भरोसा किया। शाम होते ही वे मिट्टी के तेल (केरोसिन) के दीये की रोशनी में घंटों पढ़ाई करते थे।


बिशु के पिता एक किसान हैं और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बेहद साधारण है। इसके बावजूद परिवार ने हमेशा उनकी पढ़ाई को प्राथमिकता दी। बिशु ने कभी अपनी परिस्थितियों को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने कठिन हालात को ही अपनी प्रेरणा बना लिया और लगातार मेहनत करते रहे।


बिशु का कहना है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो सीमित संसाधन भी बड़े सपनों को पूरा करने से नहीं रोक सकते। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान नियमित अध्ययन, पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास और एनसीईआरटी की पुस्तकों पर विशेष ध्यान दिया।


बिशु की इस उपलब्धि ने पूरे असम ही नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों को प्रेरित किया है। सोशल मीडिया पर भी उनकी कहानी तेजी से वायरल हो रही है। लोग उनकी मेहनत और संघर्ष की सराहना करते हुए उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा बता रहे हैं।


शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बिशु की सफलता यह साबित करती है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए संसाधन महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन सबसे अधिक महत्व छात्र की मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का होता है। उनका उदाहरण उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित सुविधाओं के कारण अपने सपनों को अधूरा मान लेते हैं।


बिशु लिम्बू की कहानी हमें यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है। बिजली और इंटरनेट जैसी सुविधाओं के बिना भी उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक NEET में शानदार प्रदर्शन किया और यह साबित कर दिया कि असली ताकत इंसान के हौसले में होती है।