भारतीय वायुसेना के जांबाज फाइटर पायलट और वीर चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने करीब 22 साल की सेवा के बाद भारतीय वायुसेना से समय से पहले रिटायरमेंट ले लिया है। अब वह अपने करियर की नई पारी कमर्शियल एविएशन में शुरू करने जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिनंदन अगस्त 2026 में गोवा स्थित रीजनल एयरलाइन FLY91 से पायलट के तौर पर जुड़ चुके हैं।
अभिनंदन वर्धमान को देश और दुनिया में सबसे ज्यादा पहचान फरवरी 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई हवाई भिड़ंत के बाद मिली थी। 27 फरवरी 2019 को बालाकोट एयरस्ट्राइक के अगले दिन हुई एयर कॉम्बैट में अभिनंदन ने MiG-21 Bison से पाकिस्तानी F-16 को मार गिराने का श्रेय हासिल किया था। हालांकि इस दौरान उनका अपना विमान भी निशाना बना और उन्हें पैराशूट के जरिए पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में उतरना पड़ा। इसके बाद उन्हें पाकिस्तानी सेना ने पकड़ लिया था।
करीब तीन दिन तक हिरासत में रहने के बाद अभिनंदन को 1 मार्च 2019 को भारत वापस लाया गया। उनके साहस और कर्तव्य के प्रति असाधारण समर्पण के लिए 2021 में उन्हें वीर चक्र, भारत के तीसरे सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

वायुसेना में अपने लगभग 22 साल के करियर के दौरान अभिनंदन ने फाइटर पायलट के तौर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं और बाद में उन्हें ग्रुप कैप्टन के पद पर पदोन्नत किया गया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने 31 मार्च 2026 को भारतीय वायुसेना से विदाई ली। वरिष्ठ रैंक पर पहुंचने के बाद कई सैन्य पायलटों के लिए उड़ान की जिम्मेदारियां कम और प्रशासनिक जिम्मेदारियां अधिक हो जाती हैं, ऐसे में कमर्शियल एविएशन में जाना उनके लिए करियर का नया विकल्प बना।
अब अभिनंदन गोवा की रीजनल एयरलाइन FLY91 के साथ अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं। एयरलाइन ने मार्च 2024 में कमर्शियल ऑपरेशन शुरू किया था और फिलहाल ATR 72-600 विमानों के जरिए क्षेत्रीय उड़ानें संचालित करती है। कंपनी के बेस गोवा और हैदराबाद में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अभिनंदन फिलहाल कमर्शियल ऑपरेशन के लिए जरूरी ट्रेनिंग और प्रक्रियाएं पूरी कर रहे हैं।
एक फाइटर जेट उड़ाने से लेकर अब यात्रियों से भरे कमर्शियल विमान उड़ाने तक का अभिनंदन वर्धमान का सफर भारतीय एविएशन की दुनिया में एक अलग अध्याय जोड़ता है। हालांकि FLY91 ने उनकी भूमिका से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है और कर्मचारी की निजी जानकारी का हवाला देते हुए टिप्पणी करने से इनकार किया है।
अभिनंदन के लिए यह सिर्फ नौकरी बदलने का फैसला नहीं, बल्कि उनके लंबे सैन्य करियर के बाद एक नई उड़ान की शुरुआत है। 2019 में जिस पायलट की बहादुरी ने उन्हें राष्ट्रीय पहचान दिलाई थी, वही अब आसमान में एक अलग भूमिका में नजर आएंगे—इस बार देश की सीमा की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि नागरिक विमानन की सेवा में।





