दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक चार मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई गई। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, इमारत में छात्रों के लिए पीजी चल रहा था और हादसे के समय अंदर कई लोग मौजूद थे।
दिल्ली फायर सर्विस को दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत गिरने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की कई गाड़ियां, पुलिस, कैट एंबुलेंस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे। मलबे से अब तक कई लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, एक व्यक्ति को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे वाली इमारत को ‘हॉस्टल डेज’ के नाम से बताया जा रहा है, जहां लड़कों के लिए पीजी संचालित होता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इमारत काफी पुरानी थी और बेसमेंट में निर्माण या मरम्मत का काम चल रहा था। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि बेसमेंट में पानी जमा होने और नीचे के हिस्से में काम किए जाने के कारण इमारत की संरचना कमजोर हुई हो सकती है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।पुलिस ने इमारत के मालिक आनंद बंसल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, मालिक गुरुग्राम में रहता है और इस इमारत में करीब 10 कमरों का पीजी संचालित होता था। अधिकारियों की ओर से यह भी जांच की जा रही है कि क्या इमारत में चल रहे निर्माण या बेसमेंट के काम के लिए जरूरी अनुमति ली गई थी और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था।
हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोग भी बचाव अभियान में जुट गए और हाथों तथा उपलब्ध उपकरणों की मदद से मलबा हटाने की कोशिश करते दिखाई दिए। संकरी गलियों के कारण राहत टीमों और एंबुलेंस को घटनास्थल तक पहुंचने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के इलाके को सुरक्षित किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मौके का जायजा लिया और संबंधित एजेंसियों को बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। एहतियात के तौर पर पास की एक इमारत को भी खाली कराया गया है।फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। पुलिस और बचाव एजेंसियां लगातार यह पता लगाने में जुटी हैं कि इमारत के अंदर हादसे के समय कितने लोग मौजूद थे। अधिकारियों ने लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है, ताकि बचाव अभियान में किसी तरह की बाधा न आए।





