दिल्ली सरकार ने वरिष्ठ भाजपा नेता लता गुप्ता को दिल्ली महिला आयोग (Delhi Commission for Women – DCW) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही दो वर्षों से अधिक समय से खाली पड़े इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति हो गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम से महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों की रक्षा और शिकायतों के त्वरित निस्तारण में आयोग की भूमिका और मजबूत होगी।
लता गुप्ता की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब दिल्ली महिला आयोग लंबे समय से नियमित अध्यक्ष के बिना काम कर रहा था। यह पद जनवरी 2024 में तत्कालीन अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के इस्तीफे के बाद खाली हो गया था। अब नए नेतृत्व के साथ आयोग के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
दिल्ली सरकार ने केवल अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि आयोग के पांच नए सदस्यों की भी नियुक्ति की है। इनमें श्याम बाला, मालती वर्मा, लता सोढ़ी, सानरिका शर्मा झा और रेनू भल्ला शामिल हैं। सरकार का मानना है कि नई टीम महिलाओं से जुड़े मामलों के समाधान, अधिकारों की रक्षा और सहायता व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगी। Mn
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नई नियुक्तियों पर विश्वास जताते हुए कहा कि दिल्ली महिला आयोग महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि नई अध्यक्ष और सदस्य निष्पक्षता, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे तथा महिलाओं को शीघ्र न्याय और सहायता उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगे।
दिल्ली महिला आयोग घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े मामलों में सहायता, जांच और संबंधित एजेंसियों को सिफारिशें देने का कार्य करता है। आयोग समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाता है और महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण के लिए सरकार को सुझाव देता है।
लता गुप्ता की नियुक्ति को दिल्ली सरकार द्वारा महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि नई अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोग महिलाओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण, सुरक्षा व्यवस्था और जनजागरूकता अभियानों को किस प्रकार आगे बढ़ाता है।




