रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला है। देश के सबसे बड़े IPO में शामिल इस पेशकश के लिए निवेशकों ने बड़ी संख्या में बोली लगाई है। 23 अक्टूबर 2026 को बोली के आखिरी दिन तक IPO को छह गुना से अधिक सब्सक्रिप्शन मिला, जिससे शेयर बाजार में इसकी काफी चर्चा हो रही है।
जियो प्लेटफॉर्म्स इस IPO के जरिए करीब 30,213 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसके लिए शेयर की कीमत 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर तय की गई थी। निवेशकों के लिए एक लॉट में 12 शेयर रखे गए थे। ऊपरी कीमत के हिसाब से एक लॉट के लिए कम से कम 13,428 रुपये लगाने जरूरी थे।
इस IPO में बड़े संस्थागत निवेशकों की खास दिलचस्पी देखने को मिली। म्यूचुअल फंड, बीमा कंपनियों और अन्य बड़े निवेशकों ने इसमें भारी निवेश की मांग दिखाई। इसके अलावा, खुदरा निवेशकों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों ने भी इसमें हिस्सा लिया। IPO को मिली मजबूत प्रतिक्रिया ने इसे भारतीय शेयर बाजार की सबसे चर्चित पेशकशों में शामिल कर दिया है।
जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और डिजिटल सेवाओं से जुड़ा है। कंपनी के पास 50 करोड़ से अधिक मोबाइल ग्राहक हैं। वर्ष 2016 में शुरुआत के बाद जियो ने सस्ते इंटरनेट और कॉलिंग सेवाओं के जरिए भारतीय दूरसंचार बाजार में बड़ा बदलाव किया। कंपनी के IPO को लेकर निवेशकों की उम्मीदें इसी कारोबार और भविष्य में इसके विस्तार की संभावनाओं से भी जुड़ी हैं।
IPO के लिए मजबूत मांग जरूर दिखाई दी है, लेकिन इससे शेयरों की लिस्टिंग पर मुनाफा मिलने की गारंटी नहीं होती। जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 28 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की उम्मीद है। लिस्टिंग के बाद शेयर का भाव बाजार की स्थिति, कंपनी के प्रदर्शन और निवेशकों की मांग पर निर्भर करेगा। इसलिए निवेशकों के लिए केवल सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों के आधार पर फैसला लेने के बजाय जोखिम और कंपनी की वित्तीय स्थिति को समझना जरूरी है।





