केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देते हुए महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं, पेंशनर्स को मिलने वाली महंगाई राहत भी 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगी। बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी।
इस फैसले से लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा मिलने की उम्मीद है। महंगाई भत्ता कर्मचारियों को बढ़ती कीमतों के असर से राहत देने के लिए दिया जाता है, जबकि महंगाई राहत का लाभ सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिलता है। दोनों में बढ़ोतरी का उद्देश्य महंगाई के कारण बढ़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है।
कर्मचारियों की मासिक सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी उनकी बेसिक सैलरी पर निर्भर करेगी। उदाहरण के लिए, यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के हिसाब से उसे हर महीने 540 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इसी तरह, 29,200 रुपये की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को हर महीने 876 रुपये का अतिरिक्त लाभ होगा। पेंशनर्स की महंगाई राहत में भी उनकी मूल पेंशन के अनुसार बढ़ोतरी होगी।
केंद्र सरकार साल में आमतौर पर दो बार महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की समीक्षा करती है। इसकी दरें तय करने में औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) की अहम भूमिका होती है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को बढ़ती महंगाई के बीच अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।
चूंकि बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी, इसलिए पात्र कर्मचारियों और पेंशनर्स को संबंधित सरकारी आदेशों के अनुसार बकाया राशि यानी एरियर भी मिल सकता है। कुल मिलाकर, DA और DR में 3 प्रतिशत की यह बढ़ोतरी केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में इजाफा करेगी और उन्हें महंगाई से कुछ राहत देगी।




