देश के चार राज्यों में विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल सेक्युलर (JDS) के गठबंधन NDA ने सभी चार सीटों पर जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप किया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में 11 विधान परिषद सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपी ने पांच सीटें जीत ली हैं, जबकि समाजवादी पार्टी (SP) को तीन सीटों पर जीत मिली है। बाकी सीटों पर मतगणना जारी रहने के दौरान मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।
कर्नाटक में NDA की इस जीत को राज्य की सत्तारूढ़ कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। राज्य की चार विधान परिषद सीटों में तीन पर बीजेपी ने जीत हासिल की, जबकि एक सीट उसके सहयोगी दल JDS के खाते में गई। बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में JDS उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पुट्टन्ना को 908 वोटों से हराया। वहीं, बीजेपी उम्मीदवार शशिल जी नम्मोशी ने उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज की। इसके अलावा बीजेपी के एसवी संकनूर और केएम सुरेश ने स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की।
उत्तर प्रदेश में भी इन चुनावों पर राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई हैं। राज्य की 11 विधान परिषद सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था। इन सीटों में पांच स्नातक निर्वाचन क्षेत्र और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। चुनाव में कुल 152 उम्मीदवार मैदान में थे। मतगणना के शुरुआती नतीजों में बीजेपी ने पांच सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि समाजवादी पार्टी ने तीन सीटें अपने नाम कीं। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा, जबकि मेरठ, बरेली और लखनऊ समेत कुछ सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की।
इन चुनावों में शिक्षकों और स्नातकों के निर्वाचन क्षेत्रों की अहम भूमिका रहती है। सामान्य विधानसभा चुनावों के विपरीत, इन सीटों पर संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के पंजीकृत मतदाता मतदान करते हैं। राजनीतिक दलों के लिए विधान परिषद की सीटें महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि इनके जरिए उन्हें सदन में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने का अवसर मिलता है।
कर्नाटक में NDA की चारों सीटों पर जीत ने कांग्रेस के सामने चुनौती बढ़ा दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश में बीजेपी और समाजवादी पार्टी के बीच मुकाबला राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन नतीजों से दोनों राज्यों में दलों की संगठनात्मक ताकत और आगामी चुनावों की तैयारियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।




