विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के प्रस्तावित नए नियमों के विरोध में सोमवार को जयपुर में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नेतृत्व में हजारों लोगों ने विशाल प्रदर्शन किया। संगठन की ओर से निकाली गई “सवर्ण न्याय यात्रा” के समापन पर प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, जहां पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प की स्थिति बन गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कुछ स्थानों पर हल्का लाठीचार्ज भी किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने किया। संगठन का कहना है कि UGC के प्रस्तावित नियमों में सवर्ण वर्ग के हितों की अनदेखी की गई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नए प्रावधानों में शिकायत समितियों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है, झूठी शिकायतों पर कार्रवाई का स्पष्ट प्रावधान नहीं है और इससे छात्रों तथा शिक्षण संस्थानों पर अनावश्यक दबाव बढ़ेगा।

पुलिस के रोकने के बावजूद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट तक पहुंचे और जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने मांग की कि UGC के प्रस्तावित नियमों को वापस लिया जाए या उनमें संशोधन कर सभी वर्गों के हितों का ध्यान रखा जाए।
राजस्थान पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अनुमति थी, लेकिन बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश के बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल का सीमित प्रयोग करना पड़ा।
यह प्रदर्शन हाल के दिनों में UGC के प्रस्तावित नियमों के खिलाफ चल रहे व्यापक विरोध का हिस्सा माना जा रहा है। विभिन्न राज्यों में कई संगठन इन नियमों के समर्थन और विरोध में अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। फिलहाल सरकार की ओर से इस प्रदर्शन को लेकर कोई नई आधिकारिक घोषणा सामने नहीं आई है।





