उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) और स्थानीय प्रशासन की संयुक्त टीम ने बिना लाइसेंस संचालित एक सॉस फैक्ट्री पर छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की। जांच के दौरान फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर बड़ी मात्रा में खराब और संदिग्ध गुणवत्ता वाली सॉस को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री बिना आवश्यक लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान निर्माण प्रक्रिया, साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों के भंडारण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। संदिग्ध खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि घटिया या एक्सपायरी सामग्री से तैयार सॉस और अन्य खाद्य उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे उत्पादों के सेवन से फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी, दस्त और अन्य संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को हमेशा प्रमाणित और लाइसेंस प्राप्त कंपनियों के खाद्य उत्पाद ही खरीदने चाहिए।
लोग बरतें ये सावधानियां:
किसी भी खाद्य उत्पाद को खरीदने से पहले उसकी पैकेजिंग, निर्माण तिथि और एक्सपायरी डेट अवश्य जांचें।
पैकेट पर FSSAI लाइसेंस नंबर और अन्य आवश्यक जानकारी की पुष्टि करें।
खुले या बिना लेबल वाले खाद्य उत्पाद खरीदने से बचें।
यदि किसी खाद्य पदार्थ का रंग, गंध या स्वाद असामान्य लगे तो उसका सेवन न करें।
संदिग्ध खाद्य उत्पादों की जानकारी तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग या संबंधित प्रशासन को दें।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सस्ते के लालच में बिना जांचे-परखे खाद्य पदार्थ न खरीदें और केवल विश्वसनीय दुकानों से ही खाद्य सामग्री लें, ताकि अपने और अपने परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।




