कानपुर में 63 वर्षीय दवा कारोबारी विनीत मीनोचा की बेरहमी से हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी बहू शालू मीनोचा को कथित साजिशकर्ता बताया है। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी की हत्या उनके घर के अंदर चाकू से 26 बार वार करके की गई। हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह वारदात हुई, उस दौरान शालू अपने पति सुब्रत के साथ एक लाउंज में पार्टी कर रही थी। पुलिस का आरोप है कि वह हत्या को अंजाम दे रहे हमलावरों के संपर्क में थी और उन्हें फोन तथा व्हाट्सऐप के जरिए निर्देश दे रही थी। हालांकि, मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में होनी बाकी है।
पुलिस के अनुसार, विनीत मीनोचा कानपुर के बिरहाना रोड पर फार्मास्यूटिकल कारोबार चलाते थे और परिवार के साथ कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में रहते थे। 5 सितंबर की रात वह फ्लैट में अकेले थे, जबकि उनका बेटा सुब्रत, बहू शालू और पोता बाहर पार्टी में गए थे। रात करीब 10:30 बजे से 3 बजे के बीच हमलावर फ्लैट में दाखिल हुए और विनीत पर हमला कर दिया। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर 26 चाकू के घाव मिलने की बात सामने आई है।जांच में पुलिस को पता चला कि दो संदिग्ध फ्लैट में दाखिल हुए थे। इनमें से एक की पहचान परिवार के पूर्व कर्मचारी विशाल गौतम के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, विशाल ने अपने साथी राज किशोर के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। दोनों को पुलिस ने बाद में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पूछताछ में विशाल ने कथित तौर पर दावा किया कि उसे शालू ने हत्या के लिए तैयार किया था। पुलिस अब कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल सबूतों के जरिए इस दावे की जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी। शुरुआती योजना कथित तौर पर विनीत को तकिए से दम घोंटकर मारने की थी, ताकि मौत हार्ट अटैक जैसी लगे। इसके लिए आरोपियों को डुप्लीकेट चाबी के जरिए फ्लैट में दाखिल कराया गया। लेकिन जब विनीत ने कमरे में कुछ संदिग्ध देखा तो आरोपी घबरा गए और उन पर चाकू से हमला कर दिया। बाद में दोनों आरोपी फ्लैट से भाग निकले।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शालू कथित तौर पर अपने ससुर द्वारा घर में लगाए गए CCTV कैमरों और पैसों पर नियंत्रण से नाराज थी। पुलिस के अनुसार, उसने पूछताछ में आरोप लगाया कि परिवार के खर्च के लिए भी उसे और उसके पति को सीमित रकम दी जाती थी और अतिरिक्त पैसे के लिए विनीत से अनुमति लेनी पड़ती थी। हालांकि, हत्या के पीछे बताए जा रहे इन कारणों की जांच अभी जारी है।

घटना की रात शालू और उसके पति के पार्टी में होने की पुष्टि लाउंज के CCTV फुटेज से होने की बात पुलिस ने कही है। इसी दौरान शालू के हमलावरों से संपर्क में रहने का भी आरोप है। रिपोर्टों के मुताबिक, हत्या के बाद दंपती करीब 3 बजे घर लौटे और विनीत को खून से लथपथ हालत में पाया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।इस मामले में पुलिस ने यह भी पाया कि घर से कोई कीमती सामान चोरी नहीं हुआ था। इससे जांचकर्ताओं को शुरुआत में ही यह शक हुआ कि हत्या लूट के लिए नहीं बल्कि किसी निजी विवाद या साजिश के तहत की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि शालू के पति सुब्रत को कथित साजिश की जानकारी थी या नहीं। उनकी भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है।
फिलहाल शालू को हिरासत में लेकर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बीच हुई बातचीत, CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को मिलाकर पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। मामले में अदालत के समक्ष पेश होने वाले सबूत ही यह तय करेंगे कि हत्या की साजिश में किसकी वास्तविक भूमिका थी।





