जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान लगातार तेज किया जा रहा है। ताजा घटनाक्रम में किश्तवाड़ जिले के चटरू (Chatroo) क्षेत्र में भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त अभियान को और व्यापक कर दिया है। यह अभियान खुफिया जानकारी के आधार पर चलाया जा रहा है, जिसमें तीन संदिग्ध आतंकवादियों के इलाके में छिपे होने की आशंका जताई गई है।
अधिकारियों के अनुसार, दुर्गम और बर्फीले इलाकों में बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है और आधुनिक निगरानी उपकरणों की मदद से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। अभियान का उद्देश्य आतंकवादियों का पता लगाना और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना है।
सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में एहतियाती कदम भी उठाए हैं। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को दें। अधिकारियों का कहना है कि आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आतंकवाद के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए एक अन्य कार्रवाई में रंबन जिले में पाकिस्तान स्थित 11 कथित आतंकवादी संचालकों की संपत्तियां जब्त की हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य आतंकवादी गतिविधियों को मिलने वाले आर्थिक समर्थन पर रोक लगाना है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकवाद के खिलाफ अभियान पूरी सतर्कता और कानून के दायरे में चलाया जा रहा है। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक क्षेत्र को पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता।
विशेषज्ञों का मानना है कि खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए जा रहे ऐसे संयुक्त अभियान आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने और क्षेत्र में स्थायी शांति बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। फिलहाल सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है और अधिकारी समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।





