कल किसी और का बेटा हो सकता है’: संजय झील हादसे के एक दिन बाद परिवारों का फूटा गुस्सा, 3 दोस्तों की डूबने से मौत

दिल्ली के पूर्वी हिस्से में स्थित संजय झील में तीन युवकों की डूबने से मौत के एक दिन बाद उनके परिवारों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। मंगलवार शाम हुए इस दर्दनाक हादसे में 22 से 25 वर्ष की उम्र के तीन दोस्तों की जान चली गई। हादसे के बाद अब परिजन सवाल उठा रहे हैं कि अगर झील के आसपास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते तो शायद उनके बच्चों की जान बचाई जा सकती थी।पुलिस के मुताबिक, घटना मंगलवार शाम करीब 7:25 बजे की है। तीनों युवक पूर्वी दिल्ली के कल्याणपुरी इलाके के रहने वाले थे और अक्सर संजय झील के आसपास आते-जाते थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तीनों झील में तैरने के लिए उतरे थे। इसी दौरान वे गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। एक युवक को बचाने की कोशिश में उसके दोनों दोस्त भी पानी में उतर गए, लेकिन तीनों ही डूब गए।सूचना मिलने के बाद पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। तीनों युवकों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन वे तब तक बेहोश हो चुके थे। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को एलबीएस अस्पताल भेजकर जरूरी मेडिकल और कानूनी प्रक्रिया शुरू की है। मौत की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

हादसे के बाद मृतकों के परिवारों का कहना है कि झील जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी। परिजनों ने आरोप लगाया कि वहां चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और लाइफगार्ड जैसी जरूरी सुविधाएं या तो मौजूद नहीं थीं या पर्याप्त नहीं थीं। उनका कहना है कि प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी व्यक्ति खतरनाक हिस्से तक आसानी से न पहुंच सके।

परिजनों ने भावुक होकर कहा कि आज उनके घर का बेटा गया है, लेकिन अगर सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो कल किसी और परिवार का बेटा इसी तरह जान गंवा सकता है। इसी वजह से परिवार अब केवल अपने बच्चों के लिए न्याय नहीं, बल्कि झील के आसपास तत्काल सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

हालांकि, प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अलग तस्वीर सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) का कहना है कि झील के आसपास चेतावनी संकेत और बैरियर लगाए गए थे। ऐसे में जांच का एक अहम हिस्सा यह भी होगा कि हादसे के समय सुरक्षा इंतजाम वास्तव में किस स्थिति में थे और क्या युवकों ने प्रतिबंधित हिस्से में प्रवेश किया था।

इस घटना ने दिल्ली के जलाशयों और झीलों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवारों की मांग है कि प्रशासन हादसे की जिम्मेदारी तय करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए झील के आसपास निगरानी, बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेत और बचाव सुविधाओं को मजबूत करे। फिलहाल पुलिस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।