‘ऐसा क्यों नहीं हुआ’, CJP प्रदर्शन का जिक्र कर सरकार पर क्यों भड़के सोनम वांगचुक

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने CJP प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जब छात्र और युवा अपनी समस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे, तो उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए था। वांगचुक ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई और छात्रों की शिकायतों के समाधान की जरूरत बताई।

वांगचुक ने प्रदर्शन के दौरान सरकार से बातचीत और छात्रों की आवाज सुनने की अपील की थी। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को केवल विरोध-प्रदर्शन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान निकालना जरूरी है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर छात्रों की मांगों पर समय रहते बातचीत होती, तो स्थिति को इतना आगे बढ़ने से रोका जा सकता था।

प्रदर्शन के दौरान वांगचुक को भी अनशन और आंदोलन का हिस्सा बनने के कारण कार्रवाई का सामना करना पड़ा। बाद में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई और कुछ आश्वासन दिए गए। इसके बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया, हालांकि प्रदर्शन से जुड़ी कई मांगें और मुद्दे आगे भी चर्चा में बने रहे।

वांगचुक का कहना है कि छात्रों और युवाओं को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है। उनके मुताबिक, सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच संवाद के जरिए ही ऐसे विवादों का समाधान निकाला जा सकता है। CJP प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने इसी बात पर जोर दिया कि युवाओं की शिकायतों को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए और परीक्षा व्यवस्था में भरोसा कायम करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।