एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा: भारतीय सशस्त्र बलों में महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर

एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा ने भारतीय रक्षा बलों में चिकित्सा (मेडिकल) स्ट्रीम से इतर पहली महिला अधिकारी के रूप में दो-सितारा (टू-स्टार) एयर वाइस मार्शल का पद हासिल कर इतिहास रच दिया है। उन्होंने वायुसेना मुख्यालय में सहायक वायु सेना प्रमुख (शिक्षा) का पदभार संभालते हुए एक नया अध्याय लिखा है, जो गैर-चिकित्सकीय सेवाओं में कार्यरत महिलाओं के लिए उच्च सैन्य नेतृत्व के नए दरवाजे खोलता है।

18 जून 1994 को भारतीय वायुसेना की शिक्षा शाखा में कमीशन प्राप्त करने वाली एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा के पास 30 से अधिक वर्षों का विशिष्ट सेवा अनुभव है। अपने करियर के दौरान, उन्होंने विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों, फील्ड स्टेशनों, कमान मुख्यालयों और वायुसेना मुख्यालय में कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और रणनीतिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। भारतीय वायुसेना द्वारा 2010 में गैर-चिकित्सकीय महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन (Permanent Commission) दिए जाने के बाद, उनकी यह यात्रा लगातार प्रगति और उच्च पदों की दिशा में आगे बढ़ी।

अपनी इस ऐतिहासिक पदोन्नति से पहले भी उन्होंने सैन्य सेवाओं के भीतर कई उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं। वे सैनिक स्कूल, कपूरथला की प्रधानाचार्य के रूप में त्रिकोणीय सेवाओं (सेना, नौसेना, वायुसेना) में किसी सैनिक स्कूल की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं। इसके अलावा, उन्होंने आईआईटी कानपुर और पुणे विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थानों में ‘आईएएफ चेयर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना करके उच्च शिक्षा और सैन्य रणनीति को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।भारतीय सशस्त्र बलों में मेडिकल कोर की महिला अधिकारी पहले भी उच्च रैंक तक पहुंच चुकी हैं, लेकिन गैर-चिकित्सकीय शाखाओं में यह मील का पत्थर पहली बार हासिल हुआ है। एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा की यह उपलब्धि भारतीय सेना के कार्यकारी और रणनीतिक पदों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है और थल सेना, नौसेना तथा वायुसेना की सभी शाखाओं में आने वाली युवा महिला अधिकारियों के लिए एक महान प्रेरणा का स्रोत है।