अराकू से तिरुमला और गोदावरी तक, पवन कल्याण ने गिनाई आंध्र प्रदेश की पर्यटन ताकत

विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने राज्य की पर्यटन क्षमता को रेखांकित करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश प्रकृति, आध्यात्मिकता, विरासत और जीवंत संस्कृति का अनोखा संगम है। उन्होंने अराकू की खूबसूरत घाटियों से लेकर तिरुमला की पवित्र पहाड़ियों, लंबी समुद्री तटरेखा और गोदावरी नदी तक राज्य के अलग-अलग पर्यटन स्थलों का उल्लेख किया।

पवन कल्याण ने कहा कि आंध्र प्रदेश में देश और दुनिया के पर्यटकों के लिए अलग-अलग तरह के अनुभव मौजूद हैं। अराकू अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए, तिरुमला आध्यात्मिक पर्यटन के लिए और गोदावरी क्षेत्र नदी, संस्कृति और विरासत पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण है। राज्य में समुद्र तटों और ऐतिहासिक स्थलों के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन की भी बड़ी संभावनाएं हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बेहतर कनेक्टिविटी, पर्यटन स्थलों के विकास, आध्यात्मिक और विरासत ढांचे तथा यात्रियों के लिए नए अवसरों पर काम कर रही है। पवन कल्याण ने Modified UDAN जैसी पहलों का भी उल्लेख किया और कहा कि इससे पर्यटन स्थलों तक पहुंच को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

आंध्र प्रदेश सरकार भी पर्यटन को निवेश और रोजगार के एक महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। राज्य की Tourism Policy 2024-29 के तहत सरकार ने 2029 तक पर्यटन क्षेत्र में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को आकर्षित करने और 1.22 लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है। अराकू, विशाखापत्तनम, राजमहेंद्रवरम, अमरावती, श्रीशैलम, गांदिकोटा और तिरुपति को प्रमुख पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना है।

गोदावरी क्षेत्र को लेकर भी राज्य सरकार ने विशेष योजनाएं बनाई हैं। सितंबर 2026 में पर्यटन विभाग ने गोदावरी क्षेत्र के लिए सात थीम आधारित पर्यटन सर्किट घोषित किए, जिनमें नदी पर्यटन, मंदिर, आध्यात्मिक विरासत, संस्कृति और ऐतिहासिक स्थलों को जोड़ा गया है। इनमें पापिकोंडालु नदी क्रूज, राजमहेंद्रवरम, डाउलेश्वरम और कोनसीमा जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

पवन कल्याण ने राजमहेंद्रवरम में 27 सितंबर को आयोजित होने वाले ‘Godavari Calls’ कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह पहल गोदावरी क्षेत्र की प्राकृतिक और सांस्कृतिक सुंदरता तथा आंध्र प्रदेश की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करने का अवसर है। उन्होंने पर्यटन विकास के साथ प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने, तकनीक और नवाचार अपनाने तथा स्थानीय लोगों के लिए अवसर पैदा करने पर भी जोर दिया।राज्य में तिरुमला को भी आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल तीर्थ पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने हाल में इलेक्ट्रिक बसों, डिजिटल सुविधाओं और नेट-जीरो फ्रेमवर्क जैसी पहलों पर जोर दिया है।