भारतीयों के हाथ से खाना खाने की परंपरा को लेकर सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक बहस अब वायरल हो गई है। अमेरिका के फ्लोरिडा के एक सोशल मीडिया यूजर ने दक्षिण भारतीय शादी का एक वीडियो साझा करते हुए सवाल किया कि भारतीय लोग हाथों से खाना क्यों खाते हैं। इस सवाल का अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने ऐसा जवाब दिया, जिसे सोशल मीडिया पर खूब पसंद किया जा रहा है।अमेरिकी यूजर ने वीडियो के साथ पूछा था, “Seriously question, why do they all eat with their hands?” यानी वह जानना चाहता था कि लोग खाना खाने के लिए चम्मच या कांटे की जगह हाथों का इस्तेमाल क्यों कर रहे हैं। बताया गया है कि यह वीडियो मूल रूप से नवंबर 2025 में पोस्ट किया गया था, लेकिन बाद में सान्याल की नजर इस पर पड़ी और उन्होंने इसका जवाब दिया।
सान्याल ने जवाब देते हुए लिखा, “It is a simple test… if you cannot bear to touch it, and need metal instruments, then it is probably a bad idea to put it in your mouth.” आसान भाषा में इसका मतलब है कि अगर आपको अपने खाने को छूने में ही परेशानी महसूस होती है और उसे खाने के लिए धातु के औजारों की जरूरत पड़ती है, तो शायद उस खाने को मुंह में डालना ही सही विचार नहीं है। उनके इस जवाब ने देखते ही देखते सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया।सान्याल ने अपनी बात यहीं खत्म नहीं की। आगे उन्होंने इस सवाल में छिपे दोहरे रवैये की ओर इशारा करते हुए कहा कि यही आलोचक पिज्जा, डोनट्स, ब्रेड और बर्गर जैसी चीजें भी हाथों से खाते हैं। ऐसे में भारतीय भोजन को हाथ से खाने पर सवाल उठाना उन्हें अजीब लगा।
भारत में हाथ से खाना खाना कोई असामान्य बात नहीं है। खासकर चावल, दाल, सब्जी, रोटी और कई पारंपरिक व्यंजन हाथ से खाना देश के अलग-अलग हिस्सों में सामान्य भोजन संस्कृति का हिस्सा है। कई पारंपरिक भोज में केले के पत्ते या थाली में भोजन परोसा जाता है और लोग हाथों से ही उसे मिलाकर खाते हैं।सोशल मीडिया पर सान्याल के जवाब को लेकर बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिक्रिया दी। कई यूजर्स ने उनके तर्क को सरल और प्रभावी बताया, जबकि कुछ लोगों ने कहा कि भारतीय खाना हाथ से खाने पर ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। कुछ लोगों ने यह भी याद दिलाया कि दुनिया के कई लोकप्रिय खाद्य पदार्थ जैसे बर्गर, पिज्जा, सैंडविच और टैको भी हाथ से खाए जाते हैं।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि खाने के तौर-तरीके अक्सर संस्कृति और आदत से जुड़े होते हैं। जो चीज एक समाज में बिल्कुल सामान्य है, वह दूसरे समाज के व्यक्ति को अलग या असामान्य लग सकती है। भारतीय संदर्भ में हाथ से खाना खाने को लेकर सान्याल ने इसी सांस्कृतिक अंतर को अपने छोटे लेकिन तीखे जवाब के जरिए सामने रखा।सान्याल की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा सिर्फ हाथ से खाना खाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि सांस्कृतिक धारणाओं और अलग-अलग देशों की भोजन परंपराओं को लेकर भी बहस शुरू हो गई। फिलहाल उनका जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है और बड़ी संख्या में यूजर्स इसे अमेरिकी शख्स के सवाल का करारा जवाब बता रहे हैं।





