कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत डिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी शैक्षणिक डिग्री सार्वजनिक करने की चुनौती दी है। बोस्टन यूनिवर्सिटी से उनकी पढ़ाई को लेकर एक बार फिर सवाल उठने के बाद डिपके ने कहा है कि वह अपनी डिग्री और शैक्षणिक दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी से भी अपनी डिग्री सामने रखने को कहा है।डिपके ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि लोग उनकी डिग्री देखने का इंतजार करते-करते परेशान हो रहे हैं। उन्होंने इसी बात को प्रधानमंत्री मोदी की शैक्षणिक योग्यता से जोड़ते हुए लिखा कि दोनों अपनी-अपनी डिग्री दिखाकर इस विवाद को खत्म कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “Let’s both show our degrees and put an end to this.”दरअसल, डिपके की बोस्टन यूनिवर्सिटी की पढ़ाई को लेकर विवाद एक हालिया पॉडकास्ट के बाद फिर से चर्चा में आया।
पॉडकास्टर प्रखर गुप्ता ने एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के साथ बातचीत के दौरान एक ऐसे दोस्त का जिक्र किया, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि वह बोस्टन यूनिवर्सिटी में पढ़ चुका है। गुप्ता के मुताबिक, उनके दोस्त ने बाद में डिपके की शैक्षणिक पृष्ठभूमि की जांच की और कथित तौर पर विश्वविद्यालय से उनके ग्रेजुएशन का रिकॉर्ड नहीं पाया। हालांकि, यह दावा पॉडकास्ट में कही गई बात पर आधारित है और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

डिपके पहले भी इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। अगस्त में उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा था कि वह अपनी बोस्टन यूनिवर्सिटी की डिग्री और स्कॉलरशिप से जुड़े दस्तावेज दिखाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया था कि उनकी पढ़ाई के लिए उन्हें विश्वविद्यालय से स्कॉलरशिप मिली थी और बाकी खर्च के लिए उन्होंने एजुकेशन लोन लिया था, जिसे उन्हें अभी चुकाना है।विवाद सिर्फ डिग्री तक सीमित नहीं रहा है। डिपके की अमेरिका में पढ़ाई के खर्च को लेकर भी पहले सवाल उठाए गए थे। एक RTI कार्यकर्ता ने उनके पिता की आर्थिक स्थिति और अमेरिका में उनकी शिक्षा के खर्च को लेकर जांच की मांग की थी। इसके जवाब में डिपके ने कहा था कि उनकी शिक्षा स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन के जरिए पूरी हुई थी।

इसी बीच डिपके ने प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट और प्रधानमंत्री की शैक्षणिक योग्यता से जुड़े पुराने विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि यदि उनकी डिग्री पर सवाल उठाए जा रहे हैं, तो प्रधानमंत्री की डिग्री को लेकर भी पारदर्शिता होनी चाहिए। दूसरी ओर, बीजेपी पहले से प्रधानमंत्री की डिग्री को लेकर उठते सवालों को खारिज करती रही है और कहती है कि इस मुद्दे पर पर्याप्त स्पष्टीकरण दिया जा चुका है।
फिलहाल डिपके और प्रधानमंत्री मोदी के बीच यह ‘डिग्री दिखाओ’ विवाद सोशल मीडिया पर राजनीतिक बहस का नया मुद्दा बन गया है। डिपके की ओर से दस्तावेज सार्वजनिक करने की बात और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों के बीच अब सबकी नजर इस बात पर है कि वह वास्तव में कौन से दस्तावेज सामने रखते हैं और विवाद को लेकर आगे क्या राजनीतिक प्रतिक्रिया आती है।





