E20 पेट्रोल से किन गाड़ियों में आ सकती है खराबी? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ
देश में प्रदूषण कम करने और पेट्रोल पर निर्भरता घटाने के उद्देश्य से भारत सरकार E20 पेट्रोल (20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण) को चरणबद्ध तरीके से बढ़ावा दे रही है। हालांकि, E20 ईंधन को लेकर वाहन मालिकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे उनकी गाड़ी पर कोई असर पड़ेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, सभी वाहन E20 पेट्रोल के लिए समान रूप से उपयुक्त नहीं हैं। खासकर पुराने मॉडल की कारों और मोटरसाइकिलों में E20 के उपयोग से कुछ तकनीकी समस्याएं सामने आ सकती हैं। जिन वाहनों को E20 के अनुकूल बनाकर तैयार नहीं किया गया है, उनमें ईंधन प्रणाली के कुछ हिस्सों पर अतिरिक्त प्रभाव पड़ सकता है।
पुरानी गाड़ियों में रबर की पाइप, सील, गैस्केट और कुछ प्लास्टिक के पुर्जे एथेनॉल के अधिक संपर्क में आने से जल्दी खराब हो सकते हैं। एथेनॉल पानी को अपनी ओर आकर्षित करता है, जिससे लंबे समय तक वाहन खड़ा रहने पर ईंधन प्रणाली में नमी बढ़ने का जोखिम रहता है। इससे इंजन के कुछ धातु वाले हिस्सों में जंग लगने की संभावना भी बढ़ सकती है।
इसके अलावा, कुछ पुराने इंजनों में माइलेज में हल्की कमी महसूस हो सकती है, क्योंकि एथेनॉल की ऊर्जा क्षमता पेट्रोल की तुलना में थोड़ी कम होती है। हालांकि, यह अंतर सभी वाहनों में समान नहीं होता और वाहन की तकनीक पर निर्भर करता है।
दूसरी ओर, वर्ष 2023 के बाद लॉन्च हुई कई नई कारों और दोपहिया वाहनों को कंपनियों ने E20 ईंधन के अनुरूप तैयार किया है।
ऐसे वाहनों में E20 पेट्रोल के उपयोग से सामान्य रूप से किसी अतिरिक्त परेशानी की आशंका नहीं रहती। कई प्रमुख वाहन निर्माता अपनी नई गाड़ियों को E20-कम्प्लायंट बता चुके हैं।
यदि आपकी गाड़ी पुरानी है, तो E20 पेट्रोल भरवाने से पहले वाहन निर्माता की ओनर मैनुअल या अधिकृत सर्विस सेंटर से यह जरूर पता कर लें कि आपका मॉडल E20 के लिए उपयुक्त है या नहीं। यदि कंपनी ने E20 की अनुमति नहीं दी है, तो उसकी सलाह का पालन करना बेहतर रहेगा।
सरकार का मानना है कि E20 ईंधन के व्यापक उपयोग से कच्चे तेल के आयात में कमी आएगी, किसानों को एथेनॉल उत्पादन से लाभ मिलेगा और कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा। इसलिए भविष्य में अधिकतर नए वाहन इसी ईंधन के अनुरूप विकसित किए जा रहे हैं।
कुल मिलाकर, E20 पेट्रोल सभी वाहनों के लिए नुकसानदायक नहीं है। समस्या मुख्य रूप से उन पुराने मॉडलों में आ सकती है जिन्हें E20 ईंधन के अनुसार डिजाइन नहीं किया गया है। इसलिए वाहन मालिकों को अपनी गाड़ी की तकनीकी अनुकूलता की जानकारी लेकर ही E20 का उपयोग करना चाहिए।





