उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 1 नवंबर को गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने लोगों से सीधे मुलाकात की और उनकी शिकायतों के जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतोषजनक तरीके से किया जाए।
जनता दर्शन के दौरान एक महिला ने मुख्यमंत्री को बताया कि उसके पति मस्तिष्क आघात (ब्रेन स्ट्रोक) से पीड़ित हैं और उनके ऑपरेशन के लिए आर्थिक सहायता की जरूरत है। महिला की परेशानी सुनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसके पति के इलाज के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्होंने महिला को आश्वासन देते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। उनके पति के उपचार में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का भी भरोसा दिया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक अन्य बीमार महिला के इलाज को लेकर भी गंभीरता दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिला को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जाए, ताकि उसे समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर कुर्सियों पर बैठे लोगों के पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सभी लोगों से प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम जनता की समस्याओं को लेकर अधिकारी संवेदनशील रहें और हर शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई करें।
जनता दर्शन में कुछ लोग अपराध और जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतें लेकर भी पहुंचे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों और भू-माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी पीड़ित व्यक्ति को न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों के प्रति भी स्नेह दिखाया। जनता दर्शन में अपनी माताओं के साथ आए छोटे बच्चों को उन्होंने दुलार किया, चॉकलेट दी और आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान और जरूरतमंदों की सहायता के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है।





