बूथ और यूथ के साथ बीजेपी की ‘चौपाल’, विनोद तावड़े ने तैयार किया यूपी जीतने का प्लान

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी इस बार चुनावी रणनीति को केवल बड़ी रैलियों तक सीमित रखने के बजाय बूथ स्तर तक मजबूत बनाने पर जोर दे रही है। यूपी के चुनाव प्रभारी विनोद तावड़े ने इसके लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। नवंबर और दिसंबर में प्रदेशभर में बड़े स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की भी अहम भूमिका रहेगी।

बीजेपी की रणनीति के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी क्षेत्रीय स्तर पर बड़ी रैलियां करेंगे। अमित शाह जिला स्तर पर संगठन की मजबूती और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे, जबकि नितिन नवीन विधानसभा क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से संपर्क बढ़ाने का काम करेंगे। पार्टी की योजना सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंच बनाने की है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्रियों और बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी चुनावी अभियान में जिम्मेदारी देने की तैयारी है।

पार्टी का खास फोकस कमजोर बूथों और युवा मतदाताओं पर रहेगा। इसके लिए बूथ स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई जाएंगी। युवा, पिछड़े वर्ग और दलित समुदाय के लोगों के बीच अलग-अलग टीमें तैयार कर संपर्क अभियान चलाया जाएगा। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं को भी पार्टी से जोड़ने की कोशिश होगी। इसके अलावा महिला, किसान, व्यापारी और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। बीजेपी की योजना सामाजिक चौपालों के जरिए अलग-अलग समुदायों की समस्याएं और अपेक्षाएं जानने की भी है।

विनोद तावड़े की रणनीति में मतदाता सूची को मजबूत करना भी शामिल है। पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची के पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय रहने और पात्र युवाओं तथा महिलाओं के नाम जुड़वाने पर जोर दिया जाएगा। पंचायत और लोकसभा चुनाव की मतदाता सूचियों के बीच समन्वय बनाने की भी तैयारी है। बीजेपी का मानना है कि बूथ स्तर पर मजबूत पकड़ और मतदाताओं से लगातार संपर्क चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है।

विनोद तावड़े हाल के दिनों में कार्यकर्ताओं को राजनीतिक संदेशों के जरिए भी सक्रिय कर रहे हैं। एक बैठक में उन्होंने भेड़ और भेड़िये की कहानी सुनाकर समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा था। बीजेपी इस रणनीति के जरिए सपा के पीडीए समीकरण का मुकाबला करने और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। पार्टी का पूरा जोर संगठन को मजबूत करने, नए मतदाताओं को जोड़ने और सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने पर है। नवंबर-दिसंबर के प्रस्तावित अभियान को बीजेपी के मिशन 2027 की अहम शुरुआत माना जा रहा है।