नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन की हाई सिक्योरिटी ड्यूटी के दौरान हथियारों के साथ सोशल मीडिया रील बनाना दिल्ली पुलिस के एक कॉन्स्टेबल को भारी पड़ गया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कॉन्स्टेबल दीपक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों के मुताबिक, दीपक नॉर्थ-वेस्ट जिले में तैनात था और BRICS सम्मेलन के दौरान सुरक्षा ड्यूटी में स्नाइपर के तौर पर तैनात किया गया था। वायरल वीडियो में वह एक ऊंची इमारत की छत पर स्नाइपर राइफल के साथ नजर आ रहा है। वीडियो में आसपास की इमारतें और इलाके का दृश्य भी साफ दिखाई दे रहा है। ऐसे में सोशल मीडिया पर सवाल उठे कि इस तरह संवेदनशील सुरक्षा स्थान की जानकारी सार्वजनिक कैसे हुई।
एक अन्य वीडियो में कॉन्स्टेबल कैमरे के सामने पोज देता दिखाई देता है और उसकी कमर पर पिस्तौल भी नजर आ रही है। एक और वीडियो में कैमरा छत से आसपास का इलाका दिखाता है, जहां अन्य सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी भी दिखाई देती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये वीडियो खुद कॉन्स्टेबल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे, जिसके बाद वे वायरल हो गए।
मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे सस्पेंड कर दिया। विभागीय जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कब और कहां बनाए गए, उस समय कॉन्स्टेबल आधिकारिक ड्यूटी पर था या नहीं और हथियारों तथा संवेदनशील सुरक्षा क्षेत्र की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की परिस्थितियां क्या थीं। जांच पूरी होने के बाद आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।
BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हुआ था। सम्मेलन में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन समेत कई देशों के नेता शामिल हुए। सम्मेलन से पहले दिल्ली में हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी और स्नाइपर, एंटी-ड्रोन सिस्टम तथा अन्य सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
इस घटना ने हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों के दौरान सोशल मीडिया के इस्तेमाल और सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास तौर पर ऐसे समय में जब सुरक्षा एजेंसियां संवेदनशील स्थानों, हथियारों और तैनाती से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक होने से रोकने के लिए कड़े इंतजाम करती हैं। फिलहाल पुलिस की विभागीय जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।




