BRICS Summit 2026 में Artificial Intelligence को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने BRICS देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए AI Open Source Zone बनाने का प्रस्ताव रखा है। इसका उद्देश्य Artificial Intelligence के क्षेत्र में रिसर्च, Large Language Models, AI Training और तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है। Open-source AI के जरिए अलग-अलग देशों के डेवलपर्स और शोधकर्ता उपलब्ध तकनीक को अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल और विकसित कर सकेंगे। यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका और चीन के बीच AI तकनीक को लेकर वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है।
भारत के लिए यह प्रस्ताव खास तौर पर महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि देश में तेजी से बढ़ता IT सेक्टर, बड़ी संख्या में तकनीकी विशेषज्ञ और AI को अपनाने वाला बड़ा डिजिटल बाजार मौजूद है। BRICS देशों के बीच अगर AI research, computing infrastructure, datasets और technical expertise साझा करने की प्रभावी व्यवस्था बनती है, तो भारतीय researchers, startups और developers को नए अवसर मिल सकते हैं। खासकर भारतीय भाषाओं के लिए AI models विकसित करने में अंतरराष्ट्रीय सहयोग काफी उपयोगी साबित हो सकता है। हिंदी समेत कई भारतीय भाषाओं में बेहतर AI tools की मांग लगातार बढ़ रही है।
इस पहल से भारतीय startups को भी फायदा मिलने की संभावना है। Open-source AI models उपलब्ध होने से छोटे startups और research institutions महंगे proprietary AI systems पर अपनी निर्भरता कम कर सकते हैं। इससे नए AI applications, educational tools, healthcare technology, language solutions और अन्य digital services विकसित करने का रास्ता खुल सकता है। भारत अपनी IndiaAI जैसी पहलों के साथ BRICS सहयोग को जोड़कर Global South के लिए AI solutions विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हालांकि, इस पहल के सामने कई चुनौतियां भी हैं। अलग-अलग BRICS देशों में data privacy, cybersecurity और intellectual property से जुड़े नियम अलग हैं। इसलिए AI models, datasets और computing resources को साझा करने के लिए स्पष्ट नियम और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जरूरी होगी। इसके अलावा चीन की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए भारत को AI cooperation के साथ अपनी technological sovereignty और strategic interests का भी ध्यान रखना होगा।
कुल मिलाकर, BRICS AI Open Source Zone भारत के Tech Future के लिए एक संभावित बड़ा अवसर है। अगर सदस्य देश इसे केवल प्रस्ताव तक सीमित न रखकर साझा research, infrastructure और responsible AI development की वास्तविक व्यवस्था में बदलते हैं, तो भारत को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है। इससे भारतीय युवाओं, developers, researchers और startups के लिए AI के क्षेत्र में नए अवसर पैदा हो सकते हैं और भारत Global South में एक प्रमुख AI technology hub के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर सकता है।





