भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार जापान ओपन के फाइनल में जगह बना ली है। इस जीत के साथ उन्होंने अपने करियर का एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया। सिंधु ने सेमीफाइनल मुकाबले में चीन की दिग्गज खिलाड़ी चेन युफेई को हराकर फाइनल का टिकट कटाया। मुकाबले के दौरान सिंधु ने पहला गेम 21-19 से अपने नाम किया और दूसरे गेम में 15-10 की बढ़त बना ली थी। इसी दौरान चेन युफेई हैमस्ट्रिंग चोट के कारण मुकाबला जारी नहीं रख सकीं और उन्हें रिटायर हर्ट होना पड़ा।
यह जीत सिंधु के लिए कई मायनों में खास रही। उन्होंने पहली बार जापान ओपन के फाइनल में प्रवेश किया और साथ ही चेन युफेई के खिलाफ लगातार हार के सिलसिले को भी समाप्त किया। इससे पहले सिंधु को चीनी खिलाड़ी के खिलाफ लगातार पांच मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा था।
करीब दो वर्षों के बाद सिंधु किसी बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं। हाल के वर्षों में चोट और फॉर्म से जूझने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी करते हुए एक बार फिर साबित कर दिया कि वह बड़े मुकाबलों की खिलाड़ी हैं।
मैच के बाद सिंधु ने अपनी जीत का श्रेय बेहतर रणनीति और पूरे मुकाबले के दौरान बनाए गए फोकस को दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य हर अंक पर ध्यान केंद्रित करना था और उसी रणनीति ने उन्हें सफलता दिलाई।
अब फाइनल मुकाबले में सिंधु का सामना जापान की अकाने यामागुची और इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दानी के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता से होगा। भारतीय प्रशंसकों को उम्मीद है कि सिंधु फाइनल में भी शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम करेंगी।
सिंधु की इस उपलब्धि ने भारतीय बैडमिंटन को एक बार फिर गर्व का अवसर दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता से देशभर के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है और सभी की निगाहें अब जापान ओपन के फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं।




