लखनऊ में ‘सनातन ही समाजवाद है’ होर्डिंग से गरमाई सियासत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर लगाए गए ‘सनातन ही समाजवाद है’ लिखे होर्डिंग ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। इस होर्डिंग के सामने आने के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।
होर्डिंग में समाजवादी विचारधारा को सनातन परंपरा से जोड़ने का प्रयास किया गया है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि समाजवाद का मूल उद्देश्य समाज के हर वर्ग का कल्याण, समानता और न्याय सुनिश्चित करना है, जो सनातन संस्कृति के मूल सिद्धांतों से मेल खाता है। हाल ही में पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इसी तरह का बयान दिया था कि समाजवाद, सनातन मूल्यों की भावना को आगे बढ़ाता है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इस होर्डिंग को राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश बताया है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि समाजवादी पार्टी चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर अपनी छवि बदलने का प्रयास कर रही है। उनका कहना है कि जनता इस बदलाव के पीछे की राजनीति को अच्छी तरह समझती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक और वैचारिक मुद्दों पर बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच इस तरह के होर्डिंग आने वाले समय में राजनीतिक विमर्श को और तेज कर सकते हैं। फिलहाल यह होर्डिंग सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है और विभिन्न राजनीतिक दल अपनी-अपनी व्याख्या प्रस्तुत कर रहे हैं।