पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने उनके कब्जे से एक तेंदुए की खाल, 15 पंजे और दो नुकीले दांत (कैनाइन) बरामद किए हैं। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर पुणे के संगमवाड़ी इलाके में संयुक्त अभियान चलाकर की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदेश रेवजी पारधी (25) और शुभम बालू पारधी (21) के रूप में हुई है। दोनों पुणे जिले के जुन्नर तालुका के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आरोपी तेंदुए के अंगों की अवैध तस्करी करने की फिराक में थे, तभी वन विभाग की टीम ने उन्हें धर दबोचा।
वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अदालत ने दोनों आरोपियों को चार दिन की वन विभाग की हिरासत में भेज दिया है ताकि तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, तेंदुआ अनुसूची-1 (Schedule I) के अंतर्गत संरक्षित वन्यजीव है। इसके शिकार, अंगों के व्यापार या अवैध कब्जे पर कड़ी सजा का प्रावधान है। दोषी पाए जाने पर तीन से सात वर्ष तक की कैद और आर्थिक दंड हो सकता है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि कहीं भी वन्यजीवों के अवैध शिकार या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा और जैव विविधता के संरक्षण के लिए जनता का सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है।




