केशव मौर्य ने गंगा पर बन रहे पुल का किया निरीक्षण, 2027 की शुरुआत तक चालू करने का लक्ष्य

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गंगा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परियोजना की प्रगति और निर्माण कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि काम में तेजी लाई जाए और निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि पुल को 2027 की शुरुआत तक यातायात के लिए चालू कर दिया जाए।

यह पुल प्रयागराज में गंगा नदी पर बन रहा है और इसके शुरू होने से शहर की यातायात व्यवस्था को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। पुल के तैयार होने से आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा। इसके साथ ही लखनऊ, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर और अयोध्या की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। अभी इन रास्तों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों की जरूरत महसूस की जा रही है।

परियोजना के तहत करीब 9.8 किलोमीटर लंबा छह लेन का पुल और संपर्क मार्ग तैयार किया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत करीब 1,948 करोड़ रुपये बताई गई है। मुख्य पुल का हिस्सा लगभग 3.84 किलोमीटर लंबा है। इस परियोजना में आधुनिक यातायात प्रबंधन व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे और अन्य सुविधाएं भी शामिल की गई हैं। इसके तैयार होने से गंगा पर बने मौजूदा पुलों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

केशव प्रसाद मौर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं का लाभ आम लोगों तक पहुंचना चाहिए और इसके लिए काम की नियमित निगरानी जरूरी है। पुल के चालू होने से प्रयागराज के साथ आसपास के जिलों के लोगों को भी आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।