जज बोले- देश की उदारता से यहां रह रहे हैं, बुराई बर्दाश्त नहीं; बॉम्बे हाईकोर्ट की इमरान खान को फटकार

बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई में हुए एसआईआर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने कहा कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है। ऐसे में वह भारतीय नागरिकों के समान अधिकारों का दावा नहीं कर सकते। कोर्ट ने टिप्पणी की कि वह भारत की उदारता के कारण यहां रह रहे हैं और देश में रहते हुए इस तरह के व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। अदालत की सख्ती के बाद इमरान खान ने बिना शर्त माफी मांगी और भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होने का लिखित आश्वासन दिया।

यह मामला 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए एक प्रदर्शन से जुड़ा है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के मुद्दे पर आयोजित किया गया था। इस दौरान पुलिस ने इमरान खान को कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था। इसके बाद विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) ने 14 अक्टूबर को उन्हें लीव इंडिया नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का निर्देश दिया था। इमरान ने इस नोटिस को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

2 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना की पीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने कहा कि OCI कार्डधारक को भारतीय नागरिकों के बराबर नहीं माना जा सकता और उन्हें ऐसे राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर कोई भारतीय नागरिक अमेरिका में इस तरह के प्रदर्शन में शामिल होता, तो उसके साथ भी सख्त कार्रवाई हो सकती थी। अदालत ने इमरान के सोशल मीडिया पोस्ट पर भी सवाल उठाए और कहा कि एक सेलिब्रिटी होने के कारण उनके बयानों का असर बड़ी संख्या में लोगों पर पड़ सकता है।

सुनवाई के दौरान इमरान खान के वकील ने बताया कि अभिनेता बचपन से भारत में रह रहे हैं और उनका यहां फिल्मी करियर भी रहा है। उन्होंने अदालत को यह भी भरोसा दिलाया कि इमरान भविष्य में किसी भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे। हालांकि, कोर्ट ने केवल आश्वासन को पर्याप्त नहीं माना और बिना शर्त माफी की मांग की। इसके बाद इमरान की ओर से माफी और लिखित अंडरटेकिंग पेश की गई। अदालत ने उनके भारत में लंबे समय से रहने और यहां काम करने को ध्यान में रखते हुए उन्हें राहत देने का रुख अपनाया।

फिलहाल बॉम्बे हाईकोर्ट ने इमरान खान को जारी लीव इंडिया नोटिस पर लगी रोक को आगे बढ़ा दिया है। अब FRRO को उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर देने के बाद मामले पर निर्णय लेना होगा। अदालत में इस मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।