कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी ताकतों की मदद से सत्ता में आने का आरोप लगाया है। राहुल ने कहा कि मोदी विदेशी मदद से प्रधानमंत्री बने थे और आज भी उसी मदद के सहारे पद पर बने हुए हैं। उन्होंने देश की आर्थिक नीतियों और विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए। राहुल के इस बयान के बाद बीजेपी ने उन पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी ने 2 नवंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री को खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर किसी भी मंच पर और किसी भी समय चर्चा करने के लिए तैयार हैं। राहुल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री इस चुनौती को स्वीकार नहीं करेंगे। उनके इस बयान ने एक बार फिर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।
राहुल के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि वह विदेशी ताकतों के हाथों इस्तेमाल हो रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशी ताकतों के इशारे पर देश में अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। बीजेपी की ओर से यह भी कहा गया कि राहुल लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं, जिनसे देश की छवि और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल खड़े होते हैं।
दरअसल, यह विवाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान के बाद बढ़ा। प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि कुछ ताकतें देश में अस्थिरता पैदा करने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने विपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा था कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों का विरोध करना अलग बात है, लेकिन देश के विकास में बाधा डालना उचित नहीं है।
प्रधानमंत्री के इस बयान के जवाब में राहुल गांधी ने विदेशी मदद का मुद्दा उठाया और उन्हें बहस की चुनौती दी। इसके बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर विदेशी ताकतों के समर्थन और देश के हितों के खिलाफ काम करने के आरोप लगा रहे हैं।




