एक साल पहले निधन हो चुके नेता को BJP ने बनाया पदाधिकारी, अंबेडकरनगर में सूची जारी होते ही मचा बवाल

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में भारतीय जनता पार्टी की एक नई सूची को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी की ओर से जारी श्रम प्रकोष्ठ की प्रदेश स्तरीय टीम में एक ऐसे नेता को सदस्य बना दिया गया, जिनका करीब एक साल पहले ही निधन हो चुका है। इस मामले के सामने आने के बाद पार्टी की संगठनात्मक कार्यप्रणाली और सूची तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

दरअसल, भाजपा की श्रम प्रकोष्ठ की 11 सदस्यीय प्रदेश टीम में अंबेडकरनगर के टांडा निवासी रामसूरत मौर्य का नाम शामिल किया गया था। उन्हें नामित सदस्य बनाया गया, जबकि उनका निधन एक साल से अधिक समय पहले हो चुका है। सूची जारी होने के बाद जब यह जानकारी सामने आई तो पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों के बीच इसकी चर्चा शुरू हो गई।

इस मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया क्योंकि प्रदेश स्तर पर पदाधिकारियों की सूची तैयार करने से पहले संबंधित जिले से जानकारी लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर जिला संगठन से जानकारी ली गई थी तो दिवंगत नेता का नाम सूची में कैसे शामिल हो गया। वहीं, इस चूक को लेकर पार्टी संगठन की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

मामले पर भाजपा के अंबेडकरनगर जिलाध्यक्ष दिलीप देव पटेल ने गलती स्वीकार की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में प्रदेश कमेटी को जानकारी दे दी गई है। इसके बाद पार्टी ने संशोधित सूची जारी कर रामसूरत मौर्य की जगह अंबेडकरनगर के ही घिसियावन मौर्य को श्रम प्रकोष्ठ का सदस्य घोषित कर दिया।

विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों में जुटी भाजपा के लिए यह मामला संगठन के स्तर पर हुई बड़ी चूक माना जा रहा है। इससे पदाधिकारियों की नियुक्ति से पहले जानकारी की जांच और जिला व प्रदेश इकाइयों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत एक बार फिर सामने आई है।