दिल्ली की रैली में ममता बनर्जी का भाजपा पर हमला, बोलीं- BJP ने बंगाल को लूटा, अब दिल्ली से लोकतंत्र वापस लाएंगे

नई दिल्ली, 2 नवंबर। दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को आयोजित INDIA गठबंधन की रैली में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने भाजपा पर पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। अपने भाषण में ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा ने बंगाल को लूटा है और अब विपक्ष दिल्ली से लोकतंत्र वापस लाने की लड़ाई लड़ेगा।

ममता बनर्जी ने यह रैली मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में आयोजित की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर पश्चिम बंगाल में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि एक करोड़ से अधिक वोटों को मतदाता सूची से हटाया गया और इससे चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चुनाव में हारी नहीं थी, बल्कि उसे हराया गया। हालांकि, ये ममता बनर्जी के राजनीतिक आरोप हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी निशाना साधा। ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने वोटों की गिनती और चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात किया है। उन्होंने EVM, मतदाता डेटा और वोटर लिस्ट की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों को एकजुट होकर आवाज उठानी होगी।

इस रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, फारूक अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती समेत INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए। राहुल गांधी ने भी चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। वहीं, अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेताओं ने भी भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

ममता बनर्जी ने युवाओं, छात्रों और सामाजिक संगठनों से भी इस लड़ाई में आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष किसी एक राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र, संविधान और जनता के मतदान के अधिकार को बचाने का है। उन्होंने सभी वर्गों और समुदायों से एकजुट होने का आह्वान किया। इस रैली के जरिए INDIA गठबंधन ने SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर केंद्र सरकार तथा चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।