दीपोत्सव-2026: एक लाख दीपों से जगमगाएगा श्रीराम जन्मभूमि परिसर, पांच जोन में होगी व्यवस्था

अयोध्या में दीपोत्सव-2026 को भव्य और यादगार बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस वर्ष श्रीराम जन्मभूमि परिसर एक लाख दीपों की रोशनी से जगमगाएगा। दीप प्रज्ज्वलन के लिए करीब एक हजार कार्यकर्ता जिम्मेदारी संभालेंगे। पूरे परिसर को पांच जोन में बांटकर प्रत्येक जोन के लिए अलग-अलग प्रभारी और टीमें तय की गई हैं। अगले पांच दिनों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, शनिवार को यात्री सुविधा केंद्र के सभागार में हुई बैठक में आयोजन की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में ट्रस्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त), सचिव जगदीश आफले और श्री जगन्नाथ गुलवे सहित प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे। श्रीरामलला मंदिर का विशेष अलंकरण किया जा चुका है। अब परिसर के अन्य हिस्सों को सजाने और दीप जलाने की तैयारियां की जा रही हैं।

दीप प्रज्ज्वलन के लिए बनाए गए पांच जोन में पहले जोन में श्रीरामलला मंदिर परिसर, परकोटा, ग्रीन हाउस और यज्ञशाला शामिल हैं, जहां 30 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे। दूसरे जोन में कुबेर टीला, सप्तमंडप, शेषावतार मंदिर, हुतात्मा स्मारक और पंचवटी में भी 30 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित होंगे। तीसरे जोन में वापसी दर्शन मार्ग, यात्री सुविधा केंद्र, पीएफसी प्लाजा और नल टीला में 14 हजार से अधिक दीप जलाए जाएंगे।

चौथे जोन में यात्री सेवा केंद्र, अंगद टीला, सीता रसोई और रामानंदाचार्य द्वार सहित अन्य स्थानों पर 13 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। वहीं पांचवें जोन में श्रीरामजन्मभूमि पथ, दर्शन मार्ग, सिंह द्वार और चरण पादुका क्षेत्र में 13 हजार दीप जलेंगे। इस जोन में उत्तर प्रदेश पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल भी सहयोग करेंगे।

ट्रस्ट के समाचार प्रबंधक सुभाष चंद्र सिंह ने बताया कि दीपोत्सव की सभी तैयारियां तय समय पर पूरी कर ली जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम केवल धार्मिक आस्था का उत्सव नहीं, बल्कि अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को दुनिया भर में पहुंचाने का प्रयास भी है। इस बार एक लाख दीपों की रोशनी से श्रीराम जन्मभूमि परिसर दीपोत्सव के दसवें वर्ष को खास बनाएगा।