मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज आज, 30 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी जुलाई से सितंबर के वित्तीय नतीजे जारी करेगी। कंपनी के नतीजों पर निवेशकों और शेयर बाजार की नजर बनी हुई है। बाजार के जानकारों का अनुमान है कि इस तिमाही में कंपनी का मुनाफा 21 हजार करोड़ रुपये के पार जा सकता है। रिफाइनिंग कारोबार में बेहतर कमाई और जियो के टेलीकॉम कारोबार में बढ़ोतरी को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है।
ब्लूमबर्ग के अनुमानों के मुताबिक, रिलायंस का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में करीब 21,368 करोड़ रुपये रह सकता है। वहीं, कंपनी की कुल आय में भी अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है। विश्लेषकों के अनुमान के अनुसार, कंपनी का राजस्व 3.12 लाख करोड़ से 3.15 लाख करोड़ रुपये के बीच रह सकता है। हालांकि, ये बाजार के अनुमान हैं और कंपनी के वास्तविक आंकड़े नतीजे जारी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार से इस बार सबसे ज्यादा मजबूती मिलने की उम्मीद है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में रिफाइनिंग मार्जिन बेहतर रहने, रिफाइनरी में उत्पादन बढ़ने और कच्चे तेल से जुड़े कारोबार में सुधार का कंपनी को फायदा मिल सकता है। इसके अलावा अमेरिका से मिलने वाले अपेक्षाकृत सस्ते एथेन और रुपये की कमजोर स्थिति से भी इस कारोबार की कमाई को सहारा मिलने की उम्मीद है। कंपनी की कुल आय में इस कारोबार की बड़ी हिस्सेदारी है।
जियो के कारोबार से भी कंपनी को अच्छी कमाई की उम्मीद है। नए ग्राहकों के जुड़ने और प्रति ग्राहक औसत कमाई (ARPU) बढ़ने से टेलीकॉम कारोबार मजबूत रह सकता है। अनुमान है कि सितंबर तिमाही में जियो का ग्राहक आधार करीब 54 करोड़ तक पहुंच सकता है। खास बात यह है कि जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद यह कंपनी के पहले तिमाही नतीजे होंगे। ऐसे में निवेशक जियो की कमाई और कारोबार की स्थिति पर विशेष नजर रखेंगे।
दूसरी ओर, रिलायंस रिटेल के कारोबार में मुनाफे की बढ़ोतरी पर दबाव रहने की आशंका है। ऑनलाइन और क्विक कॉमर्स कारोबार में प्रतिस्पर्धा तथा कम मार्जिन के कारण इस क्षेत्र की कमाई प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा कंपनी का तेल और गैस कारोबार भी उत्पादन में कमी के चलते दबाव में रह सकता है। रिलायंस के बोर्ड की बैठक में नतीजों के साथ गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर (NCD) जारी करके फंड जुटाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जाएगा। कुल मिलाकर इस तिमाही के नतीजे बताएंगे कि रिफाइनिंग और जियो की मजबूत कमाई का कंपनी के कुल प्रदर्शन पर कितना असर पड़ा है।




