प्रयागराज में जमीन के नीचे दबे मिले करोड़ों रुपये, ड्रमों से निकली नोटों की गड्डियां; गिनती के लिए बुलाई गई मशीनें

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के बरईपुर रामनगर इलाके में एक मकान के अंदर जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई करोड़ों रुपये की नकदी बरामद होने से हड़कंप मच गया। पुलिस ने मकान के फर्श की खुदाई कराई, तो जमीन में दबे प्लास्टिक के ड्रमों से नोटों की गड्डियां निकलने लगीं। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं। नोटों की गिनती के लिए मशीनें मंगाई गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बुधवार देर रात तक करीब चार करोड़ रुपये की गिनती हो चुकी थी, जबकि कुल रकम 60 करोड़ रुपये से अधिक होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक कुल राशि की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली थी कि बरईपुर रामनगर स्थित एक मकान में बड़ी मात्रा में नकदी जमीन के नीचे छिपाकर रखी गई है। इसके बाद पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया। खुदाई के दौरान जमीन में दबे कई ड्रम बरामद हुए। जब ड्रम खोले गए, तो उनमें नोटों की गड्डियां भरी मिलीं। नकदी की मात्रा अधिक होने के कारण बैंक और संबंधित विभागों की टीमों को बुलाकर नोटों की गिनती शुरू कराई गई। पुलिस ने बरामद रकम को लेकर जांच भी शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जिस व्यक्ति के मकान से नकदी मिली है, उसके बारे में दावा किया जा रहा है कि वह पहले महाराष्ट्र के पुणे में एक निजी फर्म में काम करता था। आरोप है कि वर्ष 2016 में नोटबंदी के दौरान वह फर्म से बड़ी मात्रा में रुपये लेकर फरार हो गया था। बताया जा रहा है कि इसके बाद वह अपने गांव लौट आया और जमीन खरीदने के साथ बाकी रकम को ड्रमों में भरकर मकान के अंदर दबा दिया। हालांकि, इन आरोपों और नकदी के स्रोत की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि हाल ही में व्यक्ति का अपने पड़ोसी से विवाद हुआ था। इसी दौरान जमीन के नीचे नकदी छिपाकर रखने की जानकारी पुलिस तक पहुंची। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, बरामद रकम की पूरी गिनती होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुल कितनी नकदी मिली है। मामले में धन के स्रोत और उससे जुड़े संभावित आपराधिक पहलुओं की जांच की जा रही है।

घटना सामने आने के बाद इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और मामला चर्चा का विषय बन गया। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता नकदी की गिनती पूरी कराने, बरामद रकम का रिकॉर्ड तैयार करने और उसके स्रोत का पता लगाने की है। यदि जांच में किसी अपराध या वित्तीय अनियमितता से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। करोड़ों रुपये की इस बरामदगी में अंतिम रकम और पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।