उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1 नवंबर 2026 को गोरखपुर में गोड़धोइया नाला परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण करेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जनसभा आयोजित करने की भी तैयारी की जा रही है। करीब 495.24 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना गोरखपुर में जलभराव की समस्या को कम करने, गंदे पानी की निकासी बेहतर बनाने और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
गोड़धोइया नाला लंबे समय से गोरखपुर के कई इलाकों में जलनिकासी की समस्या का कारण रहा है। बारिश के दौरान जलभराव और गंदे पानी के कारण स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इसी समस्या के समाधान के लिए नाले को पक्का करने और सीवेज के उचित प्रबंधन की व्यवस्था की गई है। परियोजना के तहत करीब 7.75 किलोमीटर लंबे नाले का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा 17.50 किलोमीटर इंटरसेप्टिंग सीवर लाइन बिछाई गई है, जिससे गंदे पानी को सीधे नाले में जाने से रोककर शोधन के लिए भेजा जा सकेगा।
परियोजना में प्रतिदिन 38 मिलियन लीटर गंदे पानी को साफ करने की क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और 61 एमएलडी क्षमता का मुख्य पंपिंग स्टेशन भी शामिल है। इसके साथ ही 14 पुलों और कल्वर्ट का निर्माण कराया गया है। सीवेज को साफ करने के बाद शोधित पानी को रामगढ़झील तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इससे जल प्रदूषण को कम करने और शहर के पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना से गोरखपुर के 17 वार्डों के लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। शाहपुर, चरगांवा, शिवपुर, अशोक नगर, हरसेवकपुर, कृष्णानगर, रामजानकी नगर और विष्णुपुरम सहित आसपास के क्षेत्रों में जलनिकासी की व्यवस्था बेहतर हो सकती है। परियोजना का उद्देश्य केवल जलभराव से राहत देना ही नहीं, बल्कि शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देना है। इससे स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ परियोजना के पहले चरण का लोकार्पण करने के साथ दूसरे चरण का शिलान्यास भी करेंगे। दूसरे चरण में करीब 93.72 करोड़ रुपये की लागत से नाले के शेष लगभग 1.52 किलोमीटर हिस्से को पक्का करने, एसटीपी तक पहुंचने के लिए सड़क बनाने, 120 स्ट्रीट लाइट लगाने और आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण करने की योजना है। इसके अलावा नाले के दोनों किनारों पर सड़क निर्माण के लिए करीब 68 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। परियोजना के अगले चरणों के पूरा होने से गोरखपुर की जलनिकासी व्यवस्था को और मजबूती मिलने तथा शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार होने की उम्मीद है।





