उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बरेली एयरपोर्ट पर नेताओं और पदाधिकारियों से मुलाकात कर चुनावी तैयारियों को लेकर अहम संदेश दिया। उन्होंने विधानसभा सीटों पर जीत हासिल करने के लक्ष्य के साथ काम करने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने पर जोर दिया। इस दौरान कुछ नेताओं और टिकट के दावेदारों को 27 अक्टूबर को लखनऊ आने के लिए भी कहा गया।
अखिलेश यादव रामपुर से लखनऊ लौटते समय बरेली एयरपोर्ट पर रुके थे। यहां उन्होंने पार्टी के नेताओं और जनप्रतिनिधियों से बातचीत की। उन्होंने कार्यकर्ताओं को अभी से चुनाव की तैयारी में जुटने, अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने का संदेश दिया। पार्टी की रणनीति है कि चुनाव से पहले हर विधानसभा क्षेत्र में संगठन की सक्रियता बढ़ाई जाए, ताकि चुनाव के समय मजबूत तैयारी के साथ मैदान में उतरा जा सके।
सपा प्रमुख ने मतदाता सूची में नए नाम जुड़वाने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पात्र लोगों के वोट बनवाने और मतदाता सूची से जुड़ी प्रक्रिया में सक्रिय रहने की अपील की। इसके साथ ही शिक्षक एमएलसी चुनाव को लेकर भी पार्टी की तैयारियों पर चर्चा हुई। नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन और सक्रिय कार्यकर्ताओं की भूमिका चुनाव में अहम होगी।
बरेली की राजनीतिक स्थिति और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर अखिलेश यादव ने आंवला के सांसद नीरज मौर्य सहित अन्य नेताओं से भी बातचीत की। विधानसभा सीटों पर संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता और उनके राजनीतिक आधार को ध्यान में रखते हुए चुनावी रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। पार्टी का लक्ष्य जिले की सभी विधानसभा सीटों पर बेहतर प्रदर्शन करना है।
इस मुलाकात के दौरान भोजीपुरा के विधायक शहजिल इस्लाम भी चर्चा में रहे। वहीं, भाजपा छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल होने की तैयारी कर रहे पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप के नाम को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज रहीं। 27 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली संभावित राजनीतिक गतिविधियों को पार्टी की आगामी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अखिलेश यादव के इस दौरे को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की संगठनात्मक तैयारियों के तौर पर देखा जा रहा है। बूथ प्रबंधन, मतदाता सूची और उम्मीदवारों के चयन पर जोर देकर पार्टी नेतृत्व ने चुनावी तैयारी का संकेत दिया है। अब सबकी नजर 27 अक्टूबर को लखनऊ में होने वाली बैठकों और पार्टी के अगले कदमों पर रहेगी।





