नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज की जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को निवेशकों का शानदार समर्थन मिला है। 23 अक्टूबर 2026 को बंद हुए इस आईपीओ को कुल 22.19 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। वहीं, ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम यानी GMP करीब 250 रुपये बताया जा रहा है, जिससे शेयर की अच्छी लिस्टिंग की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ 30,213 करोड़ रुपये का है और इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बताया जा रहा है। इससे पहले यह रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम था, जिसने 2024 में 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ पेश किया था। जियो के आईपीओ के लिए शेयरों का प्राइस बैंड 1,065 रुपये से 1,119 रुपये प्रति शेयर रखा गया था।
सब्सक्रिप्शन के मामले में संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में आईपीओ को 70.55 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी 14 गुना सब्सक्राइब हुई। वहीं, खुदरा निवेशकों की श्रेणी में 2.72 गुना सब्सक्रिप्शन दर्ज किया गया। इस आईपीओ के लिए 1.35 करोड़ से ज्यादा आवेदन मिलने की खबर भी सामने आई है।
ग्रे मार्केट में जियो के शेयर का GMP करीब 250 रुपये बताया जा रहा है। आईपीओ के ऊपरी प्राइस बैंड 1,119 रुपये में इस प्रीमियम को जोड़ने पर संभावित कीमत 1,369 रुपये बनती है। हालांकि, GMP अनौपचारिक बाजार का संकेत है और इसमें बदलाव हो सकता है। यह लिस्टिंग पर होने वाले वास्तविक मुनाफे की गारंटी नहीं देता।
आईपीओ के आवंटन का परिणाम 26 अक्टूबर को आने की उम्मीद है, जबकि शेयरों की शेयर बाजार में लिस्टिंग संभावित रूप से 28 अक्टूबर 2026 को हो सकती है। अब निवेशकों की नजर आवंटन और लिस्टिंग पर टिकी है। कंपनी के इस आईपीओ को मिले मजबूत समर्थन ने शेयर बाजार में काफी चर्चा पैदा कर दी है।





